तेलंगाना में मूसी रिवरफ्रंट के लिए जिस कंपनी ने किया आवेदन, उसपर है गबन का आरोप
मुसी रिवरफ्रेंट डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट को संभालने के लिए जिस कंपनी ने इच्छा जाहिर की है उसका नाम मीनहार्ड ग्रुप है और उसका नाम अरबों रुपए के गबन में सामने आया है। आरोप है कि कंपनी ने अरबों रुपए का गबन किया है।
इस कंपनी के खिलाफ पाकिस्तान में भी जांच चल रही है। साथ ही झारखंड के एक घोटाले में भी यह शामिल है। आरोप है कि कंपनी ने 20 साल तक निवेशकों को धोखा दिया है। सीईओ उमर शहजाद की अगुवाई वाली सिंगापुर की मेनहार्ड ग्रुप के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की है।

जो आधिकारिक बयान सामने आया है उसके अनुसार रेवंत रेड्डी के साथ मुसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को पूरा करने की इच्छा जाहिर की है। कंपनी से डिजाइन तैयार करने के लिए कहा गया है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि मेनहार्ट ग्रुप किसी भी तरह के घोटाले में शामिल है या नहीं, जोकि झारखंड में मीनहार्ट्ड स्कैम के नाम से जाना जाता है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस कथित घोटाले की जांच कर रही है। यह कथित घोटाला पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास के कार्यकाल में आया था, एंटी करप्शन ब्यूरो उनके खिलाफ जांच कर रही है। यही नहीं सीएजी ने भी मीनहार्ड्ट के कामकाज में विसंगतियों की ओर इशारा किया था। यही नहीं कोर्ट ने भी कंपनी की पात्रता पर सवाल खड़ा किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेनहार्ड्ट सिंगापुर पीटीई लिमिटेड तकरीबन 19 साल बीत जाने के बाद भी खरीदारों और निवेशकों को फ्लैट सौंपने में विफल रही है।












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