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दिल्‍लीवासियों के बाद गैर-बासमती की खेती करने वाले किसानों को केजरीवाल दे रहें हैं ये मुफ्त सुविधा

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नई दिल्‍ली। दिल्‍लीवासियों के लिए एक के बाद एक मुफ्त सुविधाएं मुहैय्या कराने वाले मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बार किसानों के एक बड़ा ऐलान किया है। सीएम केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में लगभग 700-800 हेक्टेयर भूमि है जहाँ गैर-बासमती चावल की खेती की जाती है। हमने सारी व्यवस्था कर दी है। किसानों को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। छिड़काव किया जाएगा, खाद डलवाई जाएगी और 20-25 दिनों में भूमि फसलों के लिए तैयार हो जाएगी।

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मंगलवार को सीएम अरविंद केजरीवाल और पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने नरेला के हिरंकी गांव में पूसा रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार बायो-डीकंपोजर घोल का छिड़काव शुरू किया। उन्‍होंने बताया कि इससे खेतों में पड़ा stubble को खाद में बदल देगा और इसे जलाने की प्रथा को दूर करने में मदद करेगा।

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"एक पंथ दो काज"

बता दें हर बार दिल्‍ली और उसके पड़ोसी राज्‍य हरियाणा और पंजाब में धान की फसल की कटाई के बाद खेतों में पड़ी पराली को जलाने के कारण जाड़े में दिल्‍ली का प्रदूषण स्‍तर बहुत बढ़ जाता है। मौसम विज्ञानी इसके लिए हर बार बड़ी मात्रा में पराली जलाए जाने के कारण होने वाले धुएं को जिम्मेदार ठहराते हैं। यहीं कारण है कि प्रदेश के सीएम केजरीवाल ने इस बार पराली न जलाई जाए इसके लिए एक बाद एक प्रबंध कर रहे हैं। केजरीवाल की गैर-बासमती की खेती करने वालों किसानों को दी जा रही ये मुफ्त सुविधा के पीछे सरकार का उद्देश्‍य एक तो कोरोना काल में किसानों की मदद करना है और दूसरी ओर पराली से ही उनके खेतों के लिए खाद तैयार करवाकर पराली जलाने के जोखिम से बचाना है।

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English summary
CM Kejriwal gave this facility to farmers who cultivate non-basmati in the state
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