मणिपुर में हिंसा रोकने में नाकाम रहे सीएम बीरेन सिंह दे सकते हैं इस्तीफा- सूत्र
पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में हिंसा का दौर जारी है। केंद्र और राज्य सरकार ने वहां पर सेना और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी कर दी, लेकिन हालात वैसे के वैसे बने हैं। इस बीच खबर आ रही कि हिंसा रोकने में नाकाम रहे मुख्यमंत्री बीरेन सिंह इस्तीफा दे सकते हैं।
अंग्रेजी अखबार Deccan Herald ने सीएम के करीबी अधिकारी के हवाले से बताया कि सीएम के इस्तीफा देने की संभावना है। उन्होंने राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलने का वक्त मांगा था, जो उन्हें मिल गया। ऐसे में वो राजभवन जाकर इस्तीफा दे सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर मणिपुर के एक क्षेत्रीय अखबार संगाई एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीरेन सिंह को गुरुवार को नई दिल्ली से कई फोन आए। जिसमें उन्हें इस्तीफा दे देने या केंद्र द्वारा प्रशासन अपने हाथ में लेने का विकल्प दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि विधानसभा को सस्पेंड किए जाने की भी संभावना है।
वैसे काफी वक्त से मीडिया रिपोर्ट्स में सीएम के इस्तीफे का दावा किया जा रहा, लेकिन सरकार या फिर पार्टी की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
दिल्ली गए थे सीएम
अभी हाल ही में बीरेन सिंह ने दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। साथ ही उनको हिंसा के लिए उठाए गए जरूरी कदम के बारे में बताया।
अपनी पार्टी के विधायकों ने भी घेरा
सीएम बीरेन सिंह की परेशानी विपक्ष से ज्यादा अपनी पार्टी के विधायकों ने बढ़ाई है। आदिवासी समुदाय से आने वाले कई विधायक सीएम पर मैतई लोगों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रहे।
मणिपुर के रहने वाले केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राज कुमार रंजन सिंह ने हाल ही में सीएम और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि सीएम के नेतृत्व में कानून व्यवस्था विफल है। उपद्रवियों ने उनके घर को भी आग के हवाले कर दिया था।
मैतेई समुदाय से हैं सीएम
आपको बता दें कि 62 वर्षीय सीएम बीरेन सिंह खुद मैतई समुदाय से आते हैं। साल 2016 में वो कांग्रेस से बीजेपी में चले गए थे। इसके बाद 2017 में जब बीजेपी को सत्ता मिली, तो उनको सीएम बनाया गया। पिछले साल के चुनाव में भी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल की थी, ऐसे में पार्टी ने उनपर ही भरोसा जताया था।












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