सचिन पायलट को हटाकर हमें खुशी नहीं, ये सारा मैनेजमेंट भाजपा का: CM अशोक गहलोत
नई दिल्ली। राजस्थान में कोरोना वायरस संकट के बीच अब गहलोत सरकार पर सियासी संकट भी गहराने लगा है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बागी तेवर और बीजेपी के हमलों के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात की। राज्यपाल से मुलाकात के बाद सीएम गहलोत मीडिया से भी रूबरू हुए और भाजपा षड़यंत्र करने का आरोप लगाया। सीएम गहलोत ने कहा, हम जानते थे कि ये षड़यंत्र बहुत बड़ा है होर्स ट्रेडिंगहो रही है। वर्तमान में जो स्थिति है वह उसी वजह से पैदा हुई है।
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस पार्टी द्वारा सचिन पायलट के कैबिनेट से बाहर करने के फैसले पर कहा, आखिरकार मजबूरी में हाई कमांड को फैसला करना पड़ा क्योंकि काफी समय से भाजपा षड़यंत्र कर रही थी। बीजेपी के षड़यंत्र में फंसकर हमारे कुछ साथी गुमराह होकर दिल्ली चले गए थे। सीएम ने आगे कहा, सचिन पायलट के हाथ में कुछ भी नहीं है, जो पूरा कुनबा है वो भाजपा के हाथ में खेल रहा है। रिजॉर्ट बुक किया गया है, सारी व्यवस्था भाजपा की है। जो टीम पहले मध्य प्रदेश में व्यवस्था कर रही थी वही टीम इस बार व्यवस्था कर रही है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगे कहा, उनका जो रवैया रहा है 6 महीने से 'आ बैल मुझे मार' जैसा रहा है। रोज ट्वीट करना स्टेटमेंट देना। विधायकों के साथ मैंने कोई भेदभाव नहीं किया, खुशी किसी को नहीं है। पूरे प्रयास किए गए पर फिर भी देखा गया कि सौदे हो चुके हैं भाजपा के साथ नजदीकियां बढ़ चुकी हैं। बता दें कि यह पूरा विवाद राज्य पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने राज्य में कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए एक कथित साजिश के सिलसिले में पायलट और अन्य नेताओं को नोटिस भेजने के बाद शुरू हुआ है।
गहलोत ने कहा, मैनेजमेंट बीजेपी का है। जो मध्यप्रदेश के वक्त में कर रहे थे वही अब मैनेजमेंट कर रहे है, वही टीम वापस लग गई है क्योंकि उनका पहले का अनुभव हो गया इस रूप में वहां पर पूरा खेल चल रहा है। ऐसे खेल के अंदर आखिर में सरकार के सामने चारा क्या है?
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