Civil Services Day: सिविल सेवकों को पीएम मोदी का संदेश, "नागरिक देवो भवः' का दिया मंत्र"
Civil Services Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17वें सिविल सेवा दिवस के अवसर पर देशभर के सिविल सेवकों से संवाद किया। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित किया गया। जहां उन्होंने कहा, "आज देश एक मजबूत नींव पर विकसित भारत के भव्य विजन का निर्माण शुरू कर रहा है।
हर साल 21 अप्रैल को भारत में 'राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस' मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 21 अप्रैल 2006 को विज्ञान भवन में हुए पहले आयोजन से हुई थी। यह दिन उन सभी अधिकारियों के समर्पण और सेवा भावना को सम्मानित करने का प्रतीक है, जो देश की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह दिन सिविल सेवकों के लिए आत्मविश्लेषण का भी अवसर होता है, जहां वे अपने कार्यों की समीक्षा कर नागरिकों की सेवा में और अधिक समर्पित होने का संकल्प लेते हैं। प्रधानमंत्री का संवाद और सम्मान समारोह न केवल प्रेरणा देने वाला होता है बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बनता है।

आज देश एक मजबूत नींव पर विकसित भारत के भव्य विजन का निर्माण शुरू कर रहा है: PM मोदी
इस अवसर पर विज्ञान भवन में 17वें सिविल सेवा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज देश एक मजबूत नींव पर विकसित भारत के भव्य विजन का निर्माण शुरू कर रहा है। हालांकि, इस यात्रा में चुनौतियों की कोई कमी नहीं है। भारत अब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है। इस संदर्भ में, बुनियादी सुविधाओं की संतृप्ति हासिल करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अंतिम मील तक डिलीवरी पर मजबूत फोकस जरूरी है। जैसे-जैसे नागरिकों की ज़रूरतें और आकांक्षाएँ तेज़ी से विकसित होती हैं, सिविल सेवाओं को भी समकालीन चुनौतियों के अनुकूल होना चाहिए।
भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश बन चुका है: PM मोदी
आगे उन्होंने कहा पिछले 10-11 वर्षों में देश ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उन्होंने एक विकसित भारत की मजबूत नींव रखी है। आज हम उसी ठोस आधार पर एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत की भव्य ईमारत खड़ी कर रहे हैं। हालांकि, इस निर्माण यात्रा में हमारे सामने कई बड़ी चुनौतियाँ भी हैं। भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश बन चुका है। ऐसे में हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाओं की पहुँच सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें खुद के लिए नई कसौटियाँ तय करनी होंगी और हर रोज़ उन्हें पार करने का संकल्प लेना होगा।
वास्तविक सफलता की कुंजी यही है कि हम खुद को लगातार चुनौती देते रहें: PM मोदी
वास्तविक सफलता की कुंजी यही है कि हम खुद को लगातार चुनौती देते रहें, अपने ही बनाए मानकों को हर बार पीछे छोड़ते जाएं। तभी हम एक विकसित, सक्षम और सशक्त भारत के स्वप्न को साकार कर पाएंगे। तकनीकी प्रगति पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश में चार करोड़ से अधिक घर बनाए गए हैं और अब तीन करोड़ नए घरों के निर्माण का लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कुछ वर्षों में लगभग 12 करोड़ घरों को नल से जल की सुविधा से जोड़ा गया है, और अब लक्ष्य है कि हर घर तक यह सुविधा पहुंचे।
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अंत में, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में भी मानवीय संवेदनाएं न खोएं। गरीब की आवाज सुनें, उसकी पीड़ा को समझें और उसका समाधान अपनी प्राथमिकता बनाएं। उन्होंने 'नागरिक देवो भवः' के मंत्र को आत्मसात करते हुए सेवा भाव के साथ काम करने की प्रेरणा दी।












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