किसानों के समर्थन में आए चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा, कहा- अन्नदाता की मांग जायज है
नई दिल्ली। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में खुले आसमान के नीचे किसानों का आंदोलन आज 23वें दिन भी जारी है। किसान और सरकार के बीच अभी तक कई स्तर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इन सबके बीच शुक्रवार को चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा भी किसानों के समर्थन में उतर आए हैं। उनका कहना है कि अन्नदाताओं की मांग जायजा है और वो उनकी मांगों का समर्थन करते हैं।

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कौन हैं सुंदरलाल बहुगुणा?
प्रख्यात गढ़वाली पर्यावरणविदं सुंदरलाल बहुगुणा चिपको आंदोलन के नेता हैं। चिपको आंदोलन में उनकी अहम भूमिक मानी गई थी। वो सालों से हिमालय में वनों के संरक्षण के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। सुंदरलाल बहुगुणा ने पहली बार 1970 के दशक में चिपको आंदोलन के सदस्य के रूप में और बाद में 1980 से शुरू होकर 2004 के शुरू में टिहरी बांध विरोधी आंदोलन की अगुवाई की थी।
क्या था चिपको आंदोलन?
चिपको आंदोलन एक तरह से वनों की अव्यावहारिक कटाई को रोकने के लिए शुरू किया गया था। इस आंदोलन की शुरुआत 1973 में हुई थी। वनों की कटाई को रोकने के लिए आश्रित लोगों ने पेड़ों से चिपककर इस आंदोलन की शुरुआत की थी, ताकि पेड़ काटने वाले पेड़ों को ना काट सकें। इस आंदोलन में महिलाएं और पुरुष दोनों ही शामिल थे।












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