चीन की PLA ने अरुणाचल से गायब हुए 5 युवाओं को किबिथू में सौंपा
नई दिल्ली। नई दिल्ली। चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) ने अरुणाचल प्रदेश से गायब हुए पांच युवाओं को सुरक्षित लौटा दिया है। सेना के तरफ से शनिवार को इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। शुक्रवार को असम के तेजपुर स्थित डिफेंस पीआरओ की तरफ से कहा गया था कि अपर सुबानसिरी से जो पांच युवा लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को पार कर चीन की सीमा में पहुंच गए थे, पीएलए उन्हें 12 सितंबर को सुबह 9:30 बजे लौटाएगा। केंद्र सरकार में मंत्री और अरुणाचल से सांसद किरण रिजिजू ने भी कहा था कि चीनी सेना पांच युवाओं को शनिवार को भारतीय अथॉरिटीज के हवाले कर सकती है।

14 दिनों का क्वारंटाइन
तेजपुर में डिफेंस पीआरओ की तरफ से कहा गया था कि इन युवाओं को लोहित घाटी के दमाई में सौंपा जाएगा। पांच सितंबर को अरुणाचल प्रदेश के एक विधायक ने चीन के सैनिकों द्वारा इन्हें उठा ले जाने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार से मदद की अपील की थी। इसके बाद हरकत में आई भारत सरकार की कूटनीतिक कोशिशें रंग लाती नजर आ रही हैं। डिफेंस पीआरओ तेजपुर की तरफ से बताया गया है कि पांचों युवाओं को किबिथू में सेना को सौंपा गया है। इन पांचों को कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत 14 दिनों तक क्वारंटाइन करके रखा जाएगा। इसके बाद परिवारवालों को सौंप दिया जाएगा। सेना ने कहा है कि वह हमेशा नॉर्थ ईस्ट के लोगों के भले के लिए काम करती रहेगी।
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कैसे पार कर गए LAC
सेना ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश प्राकृतिक संपदा से भरपूर राज्य है और यहां के निवासी हमेशा जड़ी-बूटी के साथ ही दूसरी चीजों की तलाश के लिए निकलते हैं। वह कई दिनों तक जंगल में रहते हैं। इसी प्रयास में ये पांचों युवा एलएसी पार कर दूसरे देश की सीमा में दाखिल हो गए थे। सेना ने स्थानीय लोगों की मदद से इनका पता लगाया था। दूसरी तरफ चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स के एडीटर हू शिजिन ने ट्वीट कर आरोप लगाया है कि पांचों युवा, भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी का हिस्सा थे। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक इन्हें दक्षिणी तिब्बत में उस समय पकड़ा गया था जब ये चीन की इंटेलीजेंस चोरी करने में लगे थे।












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