मदरसे के 11 साल के बच्चे को जिंदा जलाया
हैदराबाद। हैदराबाद में मदरसे के एक बच्चे को जिंदा जला दिया गया। बच्चे की उम्र ग्यारह साल बताई जा रही है। शेख मुस्तफाउद्दीन नाम का यह बच्चा बुधवार को मेहदीपत्तनम के गैरिसन इलाके में घायल अवस्था में मिला था और उसकी हालत बेहद नाजुक थी। लड़के की गुरुवार को डीआरडीओ अपोलो अस्पताल में मौत हो गई।

शव को सरकारी अस्पताल उसमानिया जनरल हॉस्पीटल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने किसी अप्रिय घटना की आशंका के मद्देनजर एहतियान सैन्य इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है।
बच्चा एक मदरसे का छात्र था। उसने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बताया कि सेना के कुछ जवानों ने उस पर किरासन तेल छिड़ककर उसे आग लगा दिया।
बताया जा रहा है कि सिद्दीक नगर के रहने वाले बच्चे को दो सैनिकों ने गैरिसन इलाके में अंदर बुलाया था। बच्चे की पहले कथित रूप से पिटाई की गई और फिर उसे आग के हवाले कर दिया गया। बच्चे को बाद में गैरिसन के मुख्य फाटक के पास घायल अवस्था में पाया गया। उसका शरीर 90 फीसदी जल चुका था।
हुमायुनगर पुलिस थाने में अज्ञात सैनिकों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया था, जो अब हत्या का मामला बन जाएगा।
पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है। हैदराबाद के पुलिस आयुक्त महेंद्र रेड्डी ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद से इलाके में तनाव व्याप्त है। लोगों ने सड़कों पर निकलकर सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।
वहीं, सैन्य प्रशासन ने घटना में सेना के किसी जवान का हाथ होने से इंकार किया है।
सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "जांच में पता चला है कि यह आरोप बेबुनियाद है और घटना में सेना के जवान का हाथ नहीं है। सेना घटना की निंदा करती है। घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए सेना पुलिस को पूरी सहयता करेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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