मुख्यमंत्रियों को केंद्र से पूछनी चाहिए लॉकडाउन के बाद की रणनीति: डॉ. मनमोहन सिंह
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने केंद्र की सरकार से सवाल किया है कि लॉकडाउन के बाद देश कैसे पटरी पर लौटेगा, इसके बारे में लोगों को बताया जाए। सीनियर कांग्रेस नेता ने कहा, देश में तीसरा बार लॉकडाउन है लेकिन इसके बाद क्या? हम सरकार से ये सवाल पूछना चाहते हैं कि सरकार के पास आगे का क्या प्लान है। राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी लॉकडाउन के तीसरे चरण के बाद की रणनीति के बारें में जानकारी होनी चाहिए, उन्हें केंद्र सरकार से ये पूछना चाहिए।

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बुधवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और सीनियर नेताओं के साथ हुई बैठक में डॉ. मनमोहन सिंह ने ये बात कही। सोनिया गांधी ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते देश के हालात को लेकर चर्चा के लिए ये बैठक बुलाई थ।
सोनिया गांधी ने भी बैठक में कहा कि 17 मई के बाद कैसे बढ़ना है, इस पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि मोदी सरकार के पास लॉकडाउन को लेकर आगे की क्या रणनीति है? बैठक में राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़ और पुदुचेरी के मुख्यमंत्रियों ने पैसे की कमी का मामला उठाते हुए केंद्र से राहत पैकेज की मांग की है।
बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि उनकी सरकार ने दो समितियों का गठन किया है, एक लॉकडाउन के एग्जिट प्लान के लिए और दूसरी आर्थिक पुनरुद्धार के बारे में रणनीति बनाने के लिए। केंद्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे लोग जमीन की हकीकत जाने बिना ही जोन बांट कर रहे हैं।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब तक व्यापक प्रोत्साहन पैकेज नहीं दिया जाता, तबतक राज्य और देश कैसे चलेंगे? हमने 10 हजार करोड़ का राजस्व खो दिया है। राज्यों ने पैकेज के लिए बार-बार प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है लेकिन हमारी बात को अनसुना कर दिया गया है।
पुंडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी ने केंद्र की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे सलाह नहीं ली जा रही है। जोन बंटवारे में किसी भी राज्य या मुख्यमंत्री से परामर्श नहीं किया गया।












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