Chennai News: गांजा तस्करों के लिए चूहे बने फरिश्ते! कोर्ट को भी करना पड़ा बरी, जानें पूरा मामला
Rats Eat Ganja: तमिलनाडु के चेन्नई में दो गांजा तस्करों के लिए चूहों ने ऐसा काम किया, जिससे दो साल बाद कोर्ट ने भी उन्हें बरी कर दिया। चूहों के कारनामें ने आरोपियों को राहत दी।
Chennai News: चूहों का आतंक किसी से छुपा नहीं है। न्यूजीलैंड में चूहे राष्ट्रीय संकट बन चुके हैं। वहीं, भारत में भी चूहे समस्या पैदा करते आए हैं। लेकिन, तमिलनाडु के चेन्नई में दो गांजा तस्करों के लिए यह चूहे फरिश्ते साबित हुए। दो साल से जेल की सजा काट रहे गांजा तस्करों को चूहों के आजाद करा दिया। कोर्ट को भी आरोपियों को राहत देनी पड़ी।
दरअसल, तीन साल पहले यानी 2020 में चेन्नई की मरीना पुलिस ने 22 किलोग्राम मारिजुआना रखने के मामले में राजगोपाल और नागेश्वर राव को गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ जांच शुरू की गई और आरोप पत्र दायर किया गया। मामले की सुनवाई एक विशेष नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अदालत ने की। जिसमें चूहों की मदद से दोनों आरोपी रिहा हो गए। आइए जानते हैं कैसे की चूहों ने मदद?

हुआ कुछ यूं कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के वक्त उनके पास से 22 किलोग्राम मारिजुआना गांजा जब्त किया गया था। उसे पुलिस मालखाने या भंडारगृह में रखा गया। जहां चूहों ने 21.9 किलोग्राम गांजा चट कर दिया। आरोपियों की कोर्ट में पेशी हुई तो पुलिस सिर्फ 50 ग्राम गांजा पेश कर सकी।
पुलिस ने बताया कि अन्य 50 ग्राम गांजा जांच के लिए फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं, कोर्ट ने बाकी गांजा पेश करने को कहा तो पुलिस ने चूहों के डकारने की बात बताई। वहीं, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
फरिश्ते बने चूहे, आरोपी हो रहे बरी
- साल 2016 में केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक व्यक्ति के पास से 125 ग्राम गांजा जब्त किया गया। आरोपी पर मुकदमा दर्ज हुआ। 100 ग्राम गांजा जांच के लिए लैब भेजा गया और 25 ग्राम गांजे को सबूत के नाम पर तिरुवनंतपुरम मजिस्ट्रेट कोर्ट में रखा गया। लेकिन, ट्रायल कोर्ट में शुरू होने से पहले ही कोर्ट में रखा गांजा चूहे डकार गए। जिसके बाद सबूतों के अभाव में आरोपी बरी हो गया।
- 2022 में थाना शेरगढ़ और हाईवे में पकड़ी गई 581 किलो गांजे की खेप चूहे डकार गए। यह थाने के मालखाने में रखा गया था। न्यायालय मुकदमे के ट्रायल के दौरान पुलिस ने बताया कि चूहे गांजा डकार गए। बाद में पुलिस के सुर बदले और बारिश में खराब होने की बात सामने आई।
कभी नशेड़ी कहलाए चूहे
- साल 2021 में यूपी के कोतवाली देहात में पुलिस ने चूहों पर 1400 कार्टन शराब पीने का आरोप लगाया। जांच में पता चला कि एसएचओ इंद्रपाल सिंह और सिपाही रसाल सिंह इस शराब को बेच रहे थे।
- साल 2018 में बरेली के कैंटोनमेंट से 1000 लीटर शराब गायब हो गई। आरोप लगा की चूहे गटक गए हैं। पता चला कि बोतल बगल के शराब ठेके में बिक रही हैं।












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