मनमोहन से मुलाकात कर शिवराज ने किसानों के लिए मांगा 5,723 करोड़ रुपये का पैकेज

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि प्रारंभिक आकलन के अनुसार प्रदेश भर में अभी तक 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की क्षति किसानों को हुई है। इसमें किसानों को फसल के नुकसान के साथ जान-माल एवं पशु की भी हानि हुई है। इसके लिए राज्य सरकार के कोष से तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। विकास परियोजनाओं को रोककर किसानों के लिए राहत राशि उपलब्ध कराई गई है।
प्रदेश में ओला वृष्टि और अति वृष्टि से अत्यधिक हानि हुई है और लगभग तीन चौथाई भाग इससे प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अपने मद से दो हजार करोड़ रुपये तक की राहत राशि किसानों को उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन किसानों को इससे अधिक की क्षति हुई है।उन्होंने केन्द्र सरकार से फौरन कदम उठाने और 5,723 करोड़ रुपये का राहत पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि राज्य स्तर के बैंकों और क्षेत्रीय बैंकों को राज्य सरकार द्वारा ऋण वसूली रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऋण पर ब्याज माफ करने या ब्याज की राशि उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से निवेदन किया कि वह राष्ट्रीयकृत बैंकों को ऐसा निर्देश दें कि ऋण की वसूली रोकी जाए और ऋण पर ब्याज या तो माफ किया जाए या केन्द्र सरकार उसकी भरपाई करे।
इस पर प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी विषयों पर गौर किया जाएगा और जल्द से जल्द किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। शिवराज ने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से भी मुलाकात की और फसलों को हुए नुकसान के लिए तुरन्त मुआवजा राशि उपलब्ध कराने एवं किसानों की शेष बची फसलों को समर्थन मूल्य पर खरीदने के निर्देश देने की मांग से संबंधित पत्र सौंपा।












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