चंद्रयान-2 ने सफलतापूर्वक पूरा किया अपना दूसरा 'मिशन'
नई दिल्ली। भारत के दूसरे मून स्पेसक्राफ्ट चंद्रयान-2 ने शुक्रवार को सफलतापूर्वक दूसरी कक्षा (ऑर्बिट) को पूरा कर लिया है। इसरो वैज्ञानिकों ने जानकारी दी है कि चंद्रयान-2 ने पृथ्वी की कक्षा में आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। 22 जुलाई को लॉन्च के बाद चांद के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने के लिए चंद्रयान-2 की 48 दिन की यात्रा शुरू हो गई है। लॉन्च के बाद इसे पेरिजी (पृथ्वी से कम दूरी) 170 किमी और एपोजी (पृथ्वी से ज्यादा दूरी) 45,475 किमी पर स्थापित किया गया था।

इससे पहले चंद्रयान-2 की कक्षा में 24 जुलाई की दोपहर 2.52 बजे सफलतापूर्वक बदलाव किया गया था। अब 6 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चंद्रयान-2 के ऑर्बिट को बदला जाएगा। चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान 22 जुलाई से लेकर 6 अगस्त तक पृथ्वी के चारों तरफ चक्कर लगाएगा। इसके बाद 14 अगस्त से 20 अगस्त तक चांद की तरफ जाने वाली लंबी कक्षा में यात्रा करेगा। 20 अगस्त को ही यह चांद की कक्षा में पहुंचेगा. इसके बाद 31 अगस्त तक वह चांद के चारों तरफ चक्कर लगाएगा।1 सितंबर को विक्रम लैंडर ऑर्बिटर से अलग हो जाएगा। 5 दिन की यात्रा के बाद 6 सितंबर को विक्रम लैंडर चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा।
चंद्रयान-2 को समझ लिया 'एलियन'
22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से दोपहर 2:43 मिनट पर लॉन्च चंद्रयान-2 करीब 7:30 मिनट पर ऑस्ट्रेलिया के ऊपर से गुजरा और लोगों ने समझ लिया कि उनके देश से एलियन गुजर रहे हैं। कई ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर यूएफओ देखे जाने की बात कही। ऑस्ट्रेलिया की उत्तरी सीमा और क्वींसलैंड में रहने वाले लोगों ने आसमान में यूएफओ देखे जाने की बात कही। ऑस्ट्रेलिया के एबीसी नॉर्थ वेस्ट फेसबुक पेज पर कई लोगों ने नॉर्थ-वेस्ट क्वींसलैंड के आसमान में चमकती हुई चीज देखने की बात कही। इसके बाद चैनल की तरफ से उन्हें विस्तार से इस बारे में जानकारी दी गई। चैनल ने उन्हें हालांकि उन्हें देर से जानकारी दी। इस वजह से कई लोग कन्फ्यूज हो गए और उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि आसमान में आखिर यह चमकती चीज क्या है।












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