पॉपकॉर्न पर केंद्र सरकार ने लगा दिया 3 तरह का GST, सोशल मीडिया पर मचा बवाल, लोग मीम्स बनाकर कर रहे ये सवाल
GST on popcorn: केंद्र सरकार की जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को एक अहम बैठक की। इस बैठक में कई वस्तुओं पर जीएसटी बढ़ाया गया और कई पर कम किया गया। केंद्र सरकार ने जिस वस्तु पर सबसे अधिक टैक्स लगाया है वो पॉपकॉर्न है। जीएसटी काउंसिल द्वारा पॉपकॉर्न पर इतना ज्यादा कर लगा दिया गया है कि सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ चुकी है और केंद्र सरकार लोगों के निशाने पर आ चुकी है।
यहां तक कि अर्थशास्त्री, विपक्षी नेता के अलावा केंद्र सरकार के समर्थक भी सरकार के इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं। वहीं अन्य लोगों ने मीम्स बनाकर इस पर सरकार का मजाब उड़ाया है। दो पूर्व सरकारी आर्थिक सलाहकारों ने 2017 में शुरू की गई कर प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बैठक में राज्य प्रतिनिध्यिों की मौजूदगी में पॉपकॉर्न पर एक दो नहीं तीन तरह का कर लगाने का निर्णय लिया गया है। यानी अब पॉपकॉर्न पर तीन तरह का जीएसटी वसूला जाएगा। ये दरें तुरंत प्रभाव से सभी राज्यों में लागू भी कर दी है। इससे पहले राज्यों में अलग-अलग पॉपकार्न पर कर लगाया जा रहा था।
पॉपकॉर्न पर लगाया गया जीएसटी
- नमक और मसालों वाले रेडी-टू-ईट पॉपकॉन पर 5% प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है। लेकिन इसके लिए शर्त रखी गई है कि इसकी पैकिंग पहले से ना की गई है।
- इसके अलावा पहले से पैक पॉपकॉर्न और लेबल लगे पॉपकॉर्न पर 12%जीएसटी लगाया गया है।
- चीनी युक्त पॉपकॉर्न जिसके कैरेमलाइज्ड पॉपकॉर्न के नाम से जाना जाता है उस पर सर्वाधिक18% जीएसटी लगाया गया है।
वित्ती मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया ये तर्क
कैरेमलाइज्ड पॉपकॉर्न पर 18% टैक्स लगाने के फैसले के पीछे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तर्क दिया है कि अतिरिक्त चीनी वाले किसी भी उत्पाद पर अलग-अलग टैक्स लगाया जाता है।
क्या अब पानी पीने के तरीके के हिसाब से लोगे टैक्स?
एक यूजर ने सरकार के इस फैसले पर गुस्सा जताते हुए लिखा क्या अब पानी पर भी जीएसटी लगेगा? जैसे अगर आप घूंट-घूंट पानी पीते हैं तो 5 फीसदी जीएसटी, अगर गट-गट करके पीते हैं तो 12 फीसदी जीएसटी और अगर पानी पीते समय पानी गिरा देते हैं तो 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।
What next? GST on drinking water — 5% if you sip, 12% if you gulp and 18% if you spill https://t.co/aTuofhl8Lx
— Sagar (@sagarcasm) December 21, 2024
कांग्रेस ने कुछ यूं केंद्र सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने जीएसटी के तहत पॉपकॉर्न के लिए तीन अलग-अलग टैक्स स्लैब को बेलुकी बात बताई और कहा जिसे एक अच्छा और आसान टैक्स माना जाता था उसे जटिल बना दिया गया है।
केवी सुब्रमण्यन ने की आलोचना
भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यन ने एक्स पर लिखा "जटिलता नौकरशाहों के लिए खुशी और नागरिकों के लिए दुःस्वप्न है।" उन्होंने फैसले के औचित्य पर सवाल उठाया और लिखा "मूर्खता और बढ़ गई है क्योंकि कम से कम सरलता की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय हम अधिक जटिलता, प्रवर्तन की कठिनाई और सिर्फ तर्कहीनता की ओर बढ़ रहे हैं"।












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