क्या टीकाकरण सर्टिफिकेट पर PM मोदी की फोटो है जरूरी? केंद्र ने कहा- ये सबके फायदे के लिए
नई दिल्ली, 10 अगस्त। संसद का मानसून सत्र विपक्ष के हंगामे के साथ जारी है, इस बीच केंद्र सरकार ने विपक्ष के उस सवाल का जवाब दिया जिसमें कोरोना टीकाकरण के सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी के फोटो को लेकर सवाल पूछा गया था। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री भारती पवार ने राज्यसभा में लिखित जवाब में कहा कि प्रमाणपत्र में पीएम मोदी की फोटो के साथ संदेश 'व्यापक जनहित' में है। यही वैक्सीनेशन के बाद भी महामारी से बचाव के सभी गाइडलाइन का पालन करने के बारे में जागरूकता फैलाता है।

दरअसल, कोरोना वायरस टीकाकरण के प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोटो को लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने केंद्र सरकार का घेराव किया। कांग्रेस नेता कुमार केतकर ने सरकार से पूछा कि क्या वैक्सीनेशन सर्चिफिकेट पर पीएम मोदी की फोटो प्रिंट करना जरूरी या अनिवार्य है? इसके उत्तर में भारती पवार ने कहा कि प्रमाणपत्रों संबंधी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विकसित दिशानिर्देशों और कोविड-19 टीकाकरण प्रमाणपत्रों का प्रारूप स्टैंडर्ड के मुताबिक यह सर्टिफिकेट तैयार किया गया है।
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राज्यमंत्री भारती पवार ने आगे कहा, यह सुनिश्चित करना 'सरकार की नैतिक और नैतिक जिम्मेदारी' है कि इस तरह के महत्वपूर्ण संदेशों को 'सबसे प्रभावी तरीके से' लोगों तक पहुंचाया जाए। टीकाकरण प्रमाण पत्र का प्रारूप सर्टिफिकेट प्रमाण पत्र के लिए डब्ल्यूएचओ के मानदंडों के अनुरूप और वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड के नियमों के महत्व के बारे में संदेश और प्रस्तुति सहित, इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है। कांग्रेस नेता केतकर ने यह भी पूछा था कि क्या इससे पहले किसी सरकार ने पोलियो, चेचक आदि किसी भी टीके पर तत्कालीन प्रधानमंत्री की तस्वीर छापना आवश्यक या अनिवार्य किया था। सरकार ने अभी तक इसका जवाब नहीं दिया है।












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