Live: केरल में PFI के महासचिव अब्दुल सथर को हिरासत में लिया गया
केंद्र सरकार ने पीएफआई को पांच साल के लिए बैन कर दिया है।
नई दिल्ली, 28 सितंबर: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर एक बड़े एक्शन के तहत केंद्र सरकार ने इस संगठन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पहले मंगलवार को पुलिस और एटीएस की टीमों ने मध्य प्रदेश, कर्नाटक, असम, दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में पीएफआई के दफ्तरों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान अलग-अलग राज्यों से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। पढ़िए इस मामले से जुड़े सभी अपडेट।
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NIA की बड़ी कार्रवाई, 10 से ज्यादा राज्यों में छापेमारी, 100 गिरफ्तारी | वनइंडिया हिंदी | *News

लाइव अपडेट्स:-
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पिछले कुछ दिनों में 100 से ज्यादा PFI सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, मैं पीएफआई का समर्थन नहीं कर रहा हूं लेकिन सरकार को 5 साल के लिए पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लेने से पहले जांच का इंतजार करना चाहिए था, सरकार को केंद्रीय एजेंसियों से बजरंग दल, आरएसएस, विहिप की भी जांच करने के लिए कहना चाहिए- एआईयूडीएफ विधायक रफीकुल इस्लाम
80 लोग हमारी हिरासत में हैं। कुछ और लोगों से पूछताछ चल रही है, पूछताछ के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि इन्हें हिरासत में लिया जाए या छोड़ दिया जाए। इनमें से ज्यादातर या तो PFI के कार्यकर्ता हैं या PFI के ज़िला अध्यक्ष हैं: अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था), बेंगलुरू कर्नाटक
उत्तर प्रदेश कानून-व्यवस्था ADG प्रशांत कुमार ने कहा कि PFI एवं उसके अनुषांगिक संगठनों द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर कारित हिंसा एवं संगठन के सदस्यों की बढ़ती राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को देखते हुए उ.प्र. जनपदीय पुलिस, STF, ATS ने प्रदेश के 26 जनपदों में PFI के सदस्यों के ठिकानों पर रेड की गई।
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