परीक्षा से एक दिन पहले सड़क हादसे में हुई पिता-भाई की मौत, फिर भी इस बेटी ने हासिल किए 92 फीसदी मार्क्स
गाजियाबाद। कहा जाता है कि अगर दिल में हौसला हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। इसे सही साबित किया राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद की एक होनहार बेटी ने। दरअसल, ये बच्ची इस बार सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान परीक्षा से महज कुछ घंटे पहले ही उसके पिता और भाई की सड़क हादसे में मौत हो गई। इतना बड़ी अनहोनी के बाद भी इस बेटी ने अपना हौसला और मनोबल गिरने नहीं दिया। दुःख की इस घड़ी में भी इस बच्ची ने जहां अपने परिवार को संभाला, वहीं 10वीं का पेपर भी देने गई। जिस समय ये बच्ची पेपर देने के लिए गई उसके पिता और भाई के शव घर में रखे हुए थे। परीक्षा देकर आने के बाद उनका अंतिम संस्कार हुआ। ऐसे समय में 10वीं की परीक्षा देने वाली इस बेटी ने नतीजों में 92.4 फीसदी मार्क्स हासिल किए हैं। दुःख की इस घड़ी में भी इस बेटी ने जिस तरह से ये कमाल किया उसके जज्बे की सराहना हर कोई कर रहा है।

पहले दिया EXAM, फिर अपने पिता-भाई को दी मुखाग्नि
सीबीएसई बोर्ड 10वीं में 92.4 फीसदी मार्क्स लाने वाली इस होनहार बेटी का नाम टिया सिंह है। टिया 10वीं की परीक्षा को लेकर जी-जान से तैयारी में जुटी हुई थीं। इसी बीच 6 मार्च की देर रात का एक सड़क हादसे में उनके पिता और भाई की मौत हो जाती है। 7 मार्च को उनके शव पोस्टमॉर्टम के बाद घर पहुंचे थे। इसी दिन टिया की 10वीं की परीक्षा थी और पहला पेपर गणित का था। टिया ने अपने जज्बात को काबू करते हुए पिता और भाई का शव घर में होने के बाद भी पेपर देने गई। बाद में वापस आई तो उन्होंने अपने पिता और भाई का अंतिम संस्कार किया। उनके इस हौसले की उस समय भी सभी ने सराहना की थी। वहीं 10वीं की नतीजे आने पर टिया ने 92.4 फीसदी अंक हासिल करके सभी को चौंका दिया।

टिया की मां ने कहा- वह पूरी रात रोती रही, हममें से कोई भी नहीं सोया
टिया की मां रीना सागर ने बताया, "दुख की उस घड़ी में भी उसने इसका सामना किया, यही नहीं उसने एक असाधारण शक्ति का प्रदर्शन किया। वह पूरी रात रोती रही और हममें से कोई भी नहीं सोया था। उसने मुझे बार-बार सांत्वना दी। इसके बाद जब सुबह हुई, तो वह तैयार होकर अपनी परीक्षा देने के लिए चली गई।" टिया की मां ने आगे कहा, "अपनी परीक्षा देने के बाद, वह घर आई इसके बाद उसने अपने पिता और भाई का अंतिम संस्कार किया। मैं उसके दुःख और आघात से निपटने के तरीके से अभिभूत थी। दो रात पहले ही उसके पिता ने उससे कहा था कि अब उसके स्कूल के महज दो साल बचे हुए हैं और उसे अच्छे अंक हासिल करना चाहिए। यही नहीं उन्होंने टिया को डॉक्टर बनने के लिए तैयारी करने को कहा था।"

'पेपर के दौरान मेरे दिल और दिमाग में पिता और भाई की तस्वीर आ रही थी'
टिया ने बताया कि दुःख की घड़ी में जिस समय मैं पेपर दे रही थी उस समय भी मेरे दिल और दिमाग में पिता और भाई की तस्वीर रह रहकर सामने आ रही थी। मुझे ये पता नहीं चला कि मैं पेपर में क्या लिख रही हूं। बावजूद इसके मैथ्स में 89 अंक आए हैं। इसके अलावा अंग्रेजी में 99, सोशल स्टडी में 95, हिंदी में 90 और विज्ञान में 89 अंक आए हैं। टिया ने कहा कि घर पहुंचने की जल्दी में उससे कई सवाल आते हुए भी छूट गए थे। घर पहुंचकर उसने ही पिता और भाई की चिता को मुखाग्नि दी थी। टिया ने कहा, "मुझे अभी भी अपने भाई के साथ छोटे-छोटे झगड़े याद हैं, लेकिन वह मुझे बहुत प्यार करते थे। मेरे पिता सबसे खुशहाल शख्स होते जब वो मेरा परिणाम देखते। मुझे लगता है कि मैं और बेहतर कर सकती थी अगर ये हादसा हादसा नहीं हुआ होता।"

टिया का सपना है डॉक्टर बनने का
टिया ने आगे कहा, "मैंने सेल्फ स्टडी की और तीन से चार घंटे पढ़ाई की। यही नहीं स्कूल से घर आने के बाद हर विषय को रिवाइज किया। इस दुर्घटना ने मुझसे वो सबकुछ छीन लिया जिसे मैं प्यार करती थी। मेरे पास अपने पिता के लिए खुद को साबित करने की चुनौती है। टिया का 6 मई को रिजल्ट आया, जिसमें उन्हें 92.4 फीसदी अंक हासिल हुए हैं। टिया के रिजल्ट्स के बाद उसका स्कूल उनकी मदद के लिए आगे आया है। स्कूल ने टिया की स्कूल फीस माफ कर दी है। यही नहीं उनकी मां को भी नौकरी दी गई है। टिया और उसकी मां रीना ने ब्राइटलैंड स्कूल की डायरेक्टर का फीस माफ करने और नौकरी देने पर आभार व्यक्त किया है। टिया ने कहा कि वह आगे चलकर अपने पिता के सपनों को साकार करेंगी।












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