मुंबई पुलिस के वो दो DCP कौन हैं, जिनसे सुशांत मामले में पूछताछ कर सकती है सीबीआई
नई दिल्ली- सुशांत केस की जांच पूरी तरह से सीबीआई के हाथ में आने के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में तो सनसनी मची ही हुई है, मुंबई पुलिस के बीच भी कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। जाहिर है कि दो महीने से ज्यादा समय तक इस केस में जांच के बावजूद मुंबई पुलिस एक एफआईआर तक दर्ज नहीं कर पाई। अब उसकी जांच सही दिशा में चल रही थी या फिर आरोपों के मुताबिक लटकाने-भटकाने का खेल चल रहा था, वह तो सीबीआई की जांच में गति आने के साथ ही पता चलेगा। इस बीच जानकारी मिल रही है कि मुंबई में सीबीआई की जांच की शुरुआती दौर में वह दो डीसीपी से भी इस मामले में पूछताछ कर सकती है।

दो डिप्टी पुलिस कमिश्नरों से पूछताछ कर सकती है सीबीआई
सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के बाद गुरुवार से सीबीआई की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में हर ऐंगल से जांच शुरू करने जा रही है। अब जानकारी सामने आ रही है कि मुंबई पुलिस ने अबतक जिस तरीके से सुशांत के केस की जांच की है, उसको लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी मुंबई पुलिस के दो बड़े अफसरों से भी सवालात कर सकती है। अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई इस केस के संबंध में मुंबई पुलिस के जिन दो डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस से पूछताछ कर सकती है, उनमें अभिषेक त्रिमुखे और परमजीत सिंह दहिया जैसे बड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

जब सुशांत की जान को खतरा था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
जानकारी के मुताबिक सीबीआई की एसआईटी इस केस में पहले यह नजदीकी छानबीन करेगी कि क्या इसकी शुरुआती जांच में मुंबई पुलिस से कोई चूक तो नहीं हुई है। बता दें कि इस केस में मुंबई पुलिस पर शुरू से लापरवाही बरतने के सुशांत के परिवार ने भी आरोप लगाए हैं। पहला तो यह कि सुशांत सिंह के परिवार ने इस साल फरवरी में ही बांद्रा पुलिस स्टेशन के तत्कालीन इंचार्ज रहे डीसीपी परमजीत सिंह दहिया को व्हाट्सऐप चैट पर सुशांत की जान पर खतरा होने की बात बताई थी, लेकिन दहिया ने कोई कार्रवाई नहीं की। सबसे गंभीर बात ये कि डीसीपी दहिया ने सुशांत की मौत के बाद इसकी जांच में लगे मुंबई पुलिस के अधिकारियों (जांच में शामिल डीसीपी त्रिमुखे को भी नहीं) को भी यह बात नहीं बताई। इससे पहले डीसीपी दहिया ने सफाई दी थी कि उन्होंने फोन पर साफ तौर पर कहा था कि उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत चाहिए। लेकिन, दूसरी ओर से कहा गया कि उस लड़की और उसके लोगों को अनाधिकृत रूप से थाने बुलाकर मामले को सुलझा लिया जाए।

क्या आरोपी रिया से संपर्क में थे डीसीपी त्रिमुखे ?
सवालों के घेरे में आने वाले दूसरे डीसीपी अभिषेक त्रिमुखे के बारे में यह कहा जा रहा है कि वह सुंशात की मौत मामले में जांच का हिस्सा होने के बावजूद रिया चक्रवर्ती के साथ फोन पर संपर्क में रहे। पटना पुलिस ने तो रिया को आरोपी के रूप में एफआईआर दर्ज की हुई है। अब यह सवाल उठना है कि जो अधिकारी सुशांत की मौत की जांच में जुटे थे, वह आरोपी से आखिर क्या बात कर रहे थे? क्या इस केस से जुड़े कुछ अहम जानकारी को दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही थी? अगर ऐसा हो रहा था तो यह किसके कहने पर हो रहा था? ये तमाम ऐसे सवाल हैं जो सीबीआई पुलिस के आला अधिकारियों से पूछ सकती है।

सुशांत केस में पहले से ही जांच में जुटी है सीबीआई
गौरतलब है कि सीबीआई ने पहले पटना पुलिस से सुशांत सिंह राजपूत की जांच अपने हाथों में लिया था और अब मुंबई पुलिस से जांच लेकर वह आगे की छानबीन शुरू कर रही है। बुधवार को सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौड़ ने बताया था कि, 'सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मामले में जांच जारी है। आगे की जांच के लिए सीबीआई की एक टीम मुंबई जाएगी। बाकी जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती।' सुशांत का शव संदिग्ध हालात में उनके मुंबई के बांद्रा स्थित उनके अपार्टमेंट से 14 जून को बरामद हुआ था और तब से इस केस की जांच कर रही मुंबई पुलिस सुप्रीम कोर्ट के फैसला आने तक एक एफआईआर तक तर्ज नहीं कर पाई थी।
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