पेट्रोल पंपों पर 90% तक कैश पेमेंट बढ़ा, 2000 का नोट खपाने में जुटे लोग; डीलरों को लगाने पड़े ऐसे पोस्टर
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में कम से कम छह डीलरों ने कहा कि नकद लेनदेन में अचानक वृद्धि हुई है। यूपी के विभिन्न क्षेत्रों में कई पंपों ने ऐसे नोटिस चिपकाएं हैं।

2,000 रुपए के नोट के चलन से बाहर हो जाने के चलते इसका लेन-देन 90 फीसदी बढ गया है। सबसे ज्यादा असर पेट्रोल पंपों पर नकद भुगतान में देखने को मिल रहा है। अखिल भारतीय पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) ने कहा है कि पेट्रोल पंपों पर नकद लेनदेन तेजी से बढ़ा है।
साथ ही यह भी बताया कि ग्राहक शुक्रवार देर रात से ही 100 या 200 रुपए का ईंधन खरीदने के लिए भी 2000 रुपए का नोट दिया जा रहा है। जिससे कई आउटलेट्स को नोटिस लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि 2,000 का चेंज नहीं दे पाएंगे।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में कम से कम छह डीलरों ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि नकद लेनदेन में अचानक वृद्धि हुई है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कई पंपों ने नोटिस लगाया है कि 2,000 रुपये के नोट केवल 1,000 रुपये या उससे अधिक के पेट्रोल या डीजल की खरीद के लिए स्वीकार किए जाएंगे।
क्या कहते हैं डीलरों से सुने
वहीं, दिल्ली स्थित डीलरों पर भी उतना ही दबाव नजर आ रहा है। एक डीलर ने बताया कि राजधानी में होने के नाते, हम इस तरह के नोटिस नहीं लगा सकते हैं। चूंकि 2,000 के नोट लीगल टेंडर हैं, इसलिए हम उन्हें मना भी नहीं कर सकते। लेकिन, हमारे पास छोटे नोटों की भी कमी है। एक डीलर ने कहा, हम ग्राहकों से यूपीआई, भीम और पेटीएम के जरिए चेंज लेने का अनुरोध करने पर विचार कर रहे हैं।
दूसरे पंप मालिक ने कहा कि पहले, 2,000 के नोट हमारी कुल दैनिक बिक्री का 1-2 फीसदी हिस्सा ही हुआ करता था। लेकिन, अब यह बढ़कर 80 फीसदी हो गया है। हम बैंक नहीं हैं, और हमारा कैश-इन-हैंड सीमित है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि हमें रोजमर्रा की बिक्री में क्या मिलता है। यह एक व्यावहारिक मुद्दा है, जो आरबीआई के 2,000 रुपए के नोट को वापस लेने के फैसले के कारण उत्पन्न हुआ है। ऐसा लगता है कि लोगों को पर्याप्त रूप से पता नहीं है कि उनके पास बैंकों में उन्हें बदलने के लिए पर्याप्त समय है।












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