शाहरुख खान को कलकत्ता हाईकोर्ट का निर्देश, IIPM के साथ अपने संबंधों का खुलासा करें
कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान को आदेश दिया है कि वो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग ऐंड मैनेजमेंट (आईआईपीएम) से अपने रिश्तों के बारे में कोर्ट में हलफनामा दायर करें। बता दें कि इस मैनेजमेंट कॉलेज के खिलाफ सैकड़ों छात्रों को धोखा देने और उनको गुमहार करने के आरोप में सीबीआई जांच की मांग की गई है।

दरअसल हाई कोर्ट ने शाहरुख खान से इसलिए हलफनामा दायर करने के लिए कहा क्योंकि वो आईआईपीएम के कुछ विज्ञापनों में नजर आए थे। अब इसी विज्ञापन को जरिया बनाकर छात्रों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और उन्होंने कोर्ट के सामने दावा किया है कि वे उन विज्ञापनों से प्रभावित होकर कॉलेज में दाखिला लिया था। छात्रों ने दावा किया है कि शाहरुख खान ने विज्ञापन में संस्थान की खूबियां बताते नजर आ रहे हैं। वहीं छात्रों के वकील दीपांजन दत्त ने कोर्ट के सामने दावा किया है कि शाहरुख खान आईआईपीएम के ब्रांड एंबेसडर थे।
दत्ता ने आईआईपीएम के ब्रांड एंबेसडर के रूप में शाहरुख खान की भूमिका की सीबीआई जांच की भी मांग की है। दत्त ने कोर्ट के सामने दलील दी है कि मेरे मुवक्किल ने शाहरुख खान जैसे भरोसेमंद का विज्ञापन देखने के बाद अपने बेटे को संस्था में एडमिशन कराया था। उनको ऐसे भ्रामक विज्ञान नहीं करना चाहिए, उन्हें बाजार से इस तरह के विज्ञापन को वापस लेना चाहिए।
वहीं शाहरुख खान के वकील ने याचिकाकर्ताओं के दावों का खंडन किया है। शाहरुख के वकील ने अदालत को बताया कि वह आईआईपीएम के केवल कुछ विज्ञापनों में नजर आए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने आईआईपीएम के प्रमोटर और शाहरुख खान को हलफनामा दाखिल करने को कहा है। इसके लिए कोर्ट ने दो सप्ताह का समय दिया है। दूसरी ओर कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को भी निर्देश दिया है कि वह अदालत को बताए कि राज्य पुलिस से आईआईपीएम पर लगे आरोपों की जांच सीबीआई को क्यों नहीं सौंपी जानी चाहिए।
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