मनमोहन के मंत्री रहे राव इंद्रजीत एक बार फिर बने मोदी के मंत्री
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार शाम को राष्ट्रपति भवन में अपने दूसरे कार्यकाल के तौर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पीएम मोदी के बाद बीजेपी के कई नेता और एनडीए की सहयोगी पार्टी के नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। हरियाणा के गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वो मनमोहन सरकार में भी मंत्री थे। इससे पहले साल 2014 में जीत मिलने के बाद उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली थी। उन्हें इस बार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।

राव इंद्रजीत ने लगाई जीत की हैट्रिक
गुरुग्राम से लगातार तीसरी बार जीतने वाले राव इंद्रजीत की गिनती हरियाणा के बड़े नेताओं में होती है। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के कैप्टन अजय सिंह यादव को 3,86,256 मतों से हरा गुड़गांव सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की। वे बीजेपी में शामिल होने से पहले कांग्रेस में थे। लोकसभा चुनाव 2014 में वो बीजेपी के टिकट पर जीते थे। साल 2009 में गुड़गांव सीट के अस्तित्व में आने के बाद वो वहां से लड़े। इसके पहले गुड़गांव जो अब गुरुग्राम कहलाती है महेंद्रगढ़ सीट का हिस्सा था वहां से भी राव दो बार सांसद रह चुके हैं।
राव इंद्रजीत हरियाणा का बड़ा चेहरा
रियाणा की राजनीति में राव एक बड़ा चेहरा हैं। राव इंद्रजीत सिंह का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रामपुरा में 11 फरवरी 1951 को हुआ था। उन्होंने एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की है। वो साल 1977 में जाटूसाना से पहली बार विधायक चुने गए। इसके बाद वो तीन बार विधायक रहवे और प्रदेश में मंत्री भी बने। राव 1998 में पहली बार महेंद्रगढ़ से सांसद चुने गए। इसके बाद 2004 में फिर से जीत मिली। मनमोहन सिंह की अगुवाई वाले यूपीए-1 की सरकार में उन्होंने केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री और फिर रक्षा राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2014 में उन्होंने हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मतभेद बढ़ने के बाद इंसाफ मंच का गठन किया और बाद में बीजेपी में शामिल हो गए।












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