'वो हमारी आवाज दबाना चाहते हैं और लोकतंत्र की बात कर रहे', विपक्ष का मार्च रोकने पर बोले खड़गे
संसद में रोज अडानी ग्रुप के मुद्दे पर हंगामा हो रहा है। बुधवार को विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर संसद भवन से ईडी दफ्तर तक मार्च निकाला।

संसद के बजट सत्र का दूसरा पार्ट जारी है। इस बार भी विपक्षी दल अडानी ग्रुप को लेकर आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का मुद्दा उठा रहे। लोकसभा और राज्यसभा में हंगामे के बाद बुधवार को विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सड़क पर उतरने की योजना बनाई। वो संसद भवन से ईडी दफ्तर तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन मार्च शुरू होते ही दिल्ली पुलिस ने उनको रोक दिया। इसको लेकर भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस पहले से ही इस मार्च के लिए तैयार थी। विपक्षी दल के नेता संसद से निकलते, उससे पहले ही कई जगहों पर बैरिकेड्स लगा दिए गए। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। वहीं जब विपक्षी नेता आगे नहीं बढ़ पाए, तो उन्होंने मार्च वापस ले लिया। वैसे विपक्षी दल इसे संयुक्त मार्च बता रहे, लेकिन ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता इससे नदारद रहे।
खड़गे ने कही ये बात
मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उन्होंने (दिल्ली पुलिस) हमें यहां रोका है। हम 200 लोग हैं, जबकि कम से कम 2000 पुलिसकर्मी हैं। वे हमारी आवाज दबाना चाहते हैं और फिर वे लोकतंत्र की बात करते हैं। वहीं लंदन में राहुल गांधी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि अगर कोई सेमिनार में इन चीजों के बारे में बात करता है, तो क्या उसे राष्ट्र विरोधी कहा जाएगा। बीजेपी के आरोप निराधार है।
धारा 144 लागू
दिल्ली पुलिस के मुताबिक धारा 144 लागू है, ऐसे में सांसदों को विजय चौक पर रोक दिया गया। विपक्षी दलों को इस बारे में सूचित किया गया है। वहीं विपक्षी दल मांग कर रहे थे कि उन्हें चार-चार लोगों के ग्रुप में आगे जाने दिया जाए लेकिन पुलिस की ओर से इसकी भी इजाजत नहीं दी गई। साथ ही उनको चेतावनी दी गई कि अगर वो वापस नहीं लौटे तो उनको गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि बाद में विपक्ष ने ये मार्च खत्म कर दिया।












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