'सिंहासन को बचाने के लिए लाया गया बजट', कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कुछ यूं घेरा
Budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार 23 जुलाई को बजट 2024 पेश किया। यह मोदी 3.0 का पहला आम बजट है, जिसपर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने निराशा जताई है। खड़गे ने कहा कि यह बजट केवल कुर्सी (सिंहासन) बचाने के लिए लाया गया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'यह बहुत निराशाजनक बजट है। अपने सिंहासन को बचाने के लिए यह बजट लाया गया है। किसानों के लिए हमारी MSP को लेकर अपेक्षा थी वो इसमें नहीं है। रेल को लेकर जितनी दुर्घटनाएं हो रही हैं...रेलवे बजट भी काफी कमजोर बनाया गया है।'

खड़गे ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल में बाढ़ की स्थिति है... उसे लेकर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से रेलवे पर कोई फोकस नहीं गया। इस बजट में यात्रियों की सुरक्षा पर कोई फोकस नहीं किया गया।
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इतना ही नहीं, खड़गे ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल पर इस बजट को कांग्रेस का 'नकलची बजट' करार दिया। उन्होंने लिखा, कांग्रेस के न्याय के एजेंडे को ठीक तरह से कॉपी भी नहीं कर पाया मोदी सरकार का "नकलची बजट"। मोदी सरकार का बजट अपने गठबंधन के साथियों को ठगने के लिए आधी-अधूरी "रेवड़ियां" बांट रहा है, ताकि NDA बची रहे।
उन्होंने आगे लिखा कि ये "देश की तरक्की" का बजट नहीं, "मोदी सरकार बचाओ" बजट है। 10 साल बाद उन युवाओं के लिए सीमित घोषणाएं हुईं हैं, जो सालाना दो करोड़ नौकरियों के जुमले को झेल रहे हैं। किसानों को लिए केवल सतही बातें हुईं हैं, डेढ़ गुना MSP और आय दोगुना करना- सब चुनावी धोखेबाज़ी निकली। ग्रामीण वेतन को बढ़ाने का इस सरकार का कोई इरादा नहीं है।
वहीं, दलित, आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक, माध्यम वर्ग और गांव-गरीब लोगों के लिए कोई भी क्रांतिकारी योजना नहीं है, जैसी कांग्रेस-UPA ने लागू करी थी। "गरीब" शब्द केवल स्वयं की branding करने का जरिया बन गया है, ठोस कुछ भी नहीं है। महिलाओं के लिए इस बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे उनकी आर्थिक क्षमता बढ़े और वो workforce में अधिक से अधिक शामिल हों।
उल्टा महंगाई पर सरकार अपनी पीट थपथपा रही है, जनता की गाढ़ी कमाई लूट कर वो पूंजीपति मित्रों में बांट रही है। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, जन-कल्याण और आदिवासियों पर बजट में आवंटन से कम खर्च किया है क्योंकि ये भाजपा की प्राथमिकताएं नहीं हैं। इसी तरह Capital Expenditure पर 1 लाख करोड़ कम खर्च किया है, तो फिर नौकरियां कहां से बढ़ेंगी?
शहरी विकास, ग्रामीण विकास, Infrastructure, Manufacturing, MSME, Investment, EV योजना - सब पर केवल Document, Policy, Vision, Review आदि की बात की गई है, पर कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है। खड़गे ने आगे कहा कि जातिगत जनगणना पर भी कुछ नहीं बोला गया है, जबकि ये पांचवा बजट है जो बिना Census के प्रस्तुत किया जा रहा है।












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