Budget 2018: चीन-पाकिस्तान जाने वालों की संपत्ति घाटा कम करेगी मोदी सरकार
नई दिल्ली। वित्तीय घाटे से परेशान केंद्र सरकार को चीन और पाकिस्तान में जा बसे लोगों की संपत्ति से नुकसान की भरपाई कर सकती है। बजट पेश करने से ठीक पहले सरकार शत्रु संपत्ति को नीलाम कर 1,04,339 करोड़ रुपए अर्जित कर सकती है। मोदी सरकार ने अब तक देशभर में कुल 9400 संपत्तियों की पहचान की है, जो कि शत्रु संपत्ति के दायरे में आती हैं। इन संपत्तियों को नीलाम करने की दिशा में कितनी तेजी से काम चल रहा है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं अब तक 6289 संपत्तियों का सर्वे भी हो चुका है। इस संबंध में खुद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिनों पहले जानकारी दी थी। गृहमंत्रालय के मुताबिक, इनमें से किसी भी संपत्ति पर कोई विवाद नहीं है। ऐसे में 9400 में से 6289 संपत्तियों की नीलामी तो सरकार सुपरफास्ट तरीके से कर ही सकती है।

क्या है शत्रु संपत्ति का यह मामला
शत्रु संपत्ति कानून संशोधन विधेयक 2017 के जरिए केंद्र सरकार इस काम को पहले ही आसान बना चुकी है। अब शत्रु संपत्ति की कस्टडी रखने वाले उसे बेच सकते हैं, शत्रु संपत्ति कानून, 1968 में ऐसी सुविधा नहीं थी। आपको बता दें कि भारत-पाकिस्तान विभाजन और चीन-पाक के साथ हुए युद्धों के दौरान काफी लोग भारत छोड़ गए थे। इनकी संपत्ति भारत में है। प्रथम और दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका और ब्रिटेन ने भी जर्मनी के नागरिकों की जायदाद को शत्रु संपत्ति कानून के तहत ही अपने कब्जे में लिया था।

बढ़ता राजकोषीय घाटा बना चिंता का सबब
मोदी सरकार को बढ़ते राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में करने की कठिन चुनौती है। इस वित्तवर्ष में राजकोषीय घाटा 0.3 प्रतिशत बढ़कर 3.2 प्रतिशत होने का अुनमान है। जीएसटी और नोटबंदी की वजह से अर्थव्यवस्था भी उतनी तेज रफ्तार नहीं पकड़ती दिख रही है। मौजूदा समय में बढ़ते तेज के दाम भी सरकार के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में सरकार जल्द से जल्द शत्रु संपत्तियों की नीलामी का फैसला ले सकती है।

उत्तर प्रदेश में हैं सबसे ज्यादा शत्रु संपत्तियां
केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक करीब साढ़े नौ हजार शत्रु संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से पाकिस्तान जाने वाले लोगों की देश में कुल 9,280 संपत्तियां हैं। इनमें सबसे ज्यादा 4,991 संपत्तियां अकेले उत्तर प्रदेश में हैं। इस मामले में दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल है, जहां पर इस प्रकार की 2,735 संपत्तियां हैं। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पर 487 संपत्तियां हैं।

149 संपत्तियां चीन जाने वाले लोगों की
सरकार की ओर से चिन्हित की गई संपत्तियों में से 149 ऐसे लोगों की हैं, जो चीन चले गए हैं। चीन के नागरिकों से जुड़ी सबसे अधिक 57 शत्रु संपत्तियां मेघायल में हैं, जबकि 29 संपत्तियां पश्चिम बंगाल में हैं। असम, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक में भी ऐसी कुछ संपत्तियां हैं।












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