परिसीमन: BJP सांसद जम्यांग सेरिंग का आग्रह, बौद्ध समुदाय के विचारों को भी मसौदे में किया जाए शामिल
लेह, 11 जुलाई। संसद में पीएम मोदी के कसीदे पढ़ने के बाद चर्चा में आए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बीजेपी सांसद जम्यांग सेरिंग नामग्याल ने जम्मू-कश्मीर में परिसीमन को लेकर बड़ी बात कही हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में परिसीमन आयोग के प्रतिनिधिमंडल के दौरे में बौद्ध आबादी का कोई भी प्रतिनिधि उनसे नहीं मिल पाया। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में लगभग 3,000 बौद्ध रहते हैं। हमें उम्मीद है कि आयोग बौद्ध और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के विचारों को भी मसौदे में शामिल करेगा।

गौलरतल है कि 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद- 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद घाटी में परिसीमन की प्रक्रिया जाती है। उम्मीद जताई जा रही हैं कि परिसीमन की प्रक्रिया 5 मार्च, 2022 को पूरा हो जाएगा जिसके बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए जा सकेंगे। इस बीच परिसीमन आयोग से बीजेपी सांसद जम्यांग सेरिंग नामग्याल ने आग्रह किया है कि जम्मू-कश्मीर में रहने वाले बौद्ध समुदाय के लोगों को विचारों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
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कोरोना वायरस संक्रमण पर बोलते हुए जम्यांग सेरिंग नामग्याल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्रालय और सभी कोविड योद्धाओं के प्रयासों से लद्दाख देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन गया है, जिसमें अतिथि आबादी सहित सभी लोगों को कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली खुराक का टीका लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ नीचे गिर रहा है, प्रदेश में रविवार को सिर्फ 19 नए मामले सामने आए जिसके बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 115 पर पहुंच गई है। इनमें से 79 लेह जिले में हैं तो वहीं 36 मरीज इस समय कारगिल में इलाज करवा रहे हैं।












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