BSF Rafting Tour: जांबाज महिलाओं का गंगोत्री से गंगासागर साहसी सफर, देंगी गंगा सफाई और नारी सशक्तिकरण का संदेश
BSF Rafting Tour: देश के इतिहास में पहली बार महिलाओं की एक टीम उत्तराखंड के गंगोत्री से लेकर पश्चिम बंगाल के गंगासागर तक राफ्टिंग करते हुए लगभग 2,325 किलोमीटर की यात्रा करेगी।
यह साहसिक यात्रा 2 नवंबर से शुरू होकर 53 दिनों में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों से होकर गुजरेगी और 24 दिसंबर को गंगासागर में समाप्त होगी। इस अभियान का उद्देश्य गंगा की सफाई के प्रति जागरूकता फैलाना और नारी सशक्तिकरण का संदेश देना है।

2 नवंबर को यह यात्रा गंगोत्री से शुरू होकर उत्तराखंड के देवप्रयाग पहुंचेगी। देवप्रयाग घाट पर बीएसएफ के महानिरीक्षक राजा बाबू सिंह इस यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके बाद यात्रा का पहला बड़ा पड़ाव हरिद्वार में होगा, जहां 4 नवंबर को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। हरिद्वार के चंडी घाट पर बीएसएफ के ब्रास बैंड द्वारा स्वागत किया जाएगा। यहां से फिर दल को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया जाएगा।
क्या है इस अभियान का मकसद?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी की पवित्रता को बनाए रखने के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नारी सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना है। BSF की इस 60 सदस्यीय टीम में 20 महिला राफ्टर्स शामिल हैं जो अपने साहस और प्रतिबद्धता के माध्यम से महिलाओं को प्रेरित करेंगी। यह अभियान गंगा की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को दर्शाते हुए समाज में महिलाओं की भूमिका को भी उजागर करेगा।
गंगा सफाई और नारी सशक्तिकरण पर फोकस
यात्रा के दौरान BSF की यह टीम अलग-अलग स्थानों पर ठहराव करेगी और गंगा किनारे बसे लोगों से संवाद करेगी। टीम विभिन्न स्थानों पर 9 नवंबर को बुलंदशहर पहुंचेगी और वहां के लोगों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। इस यात्रा के माध्यम से BSF टीम गंगा की सफाई, पर्यावरण संरक्षण, और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाएगी।
कई सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित
- गंगा आरती: गंगा के धार्मिक महत्व को सम्मानित करने के लिए।
- प्रभात फेरी: स्थानीय लोगों को जोड़ने और सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए।
- भजन और स्वागत समारोह: यात्रा का समर्थन और उत्साह बढ़ाने के लिए।
24 दिसंबर को होगा समापन
यह अभियान 24 दिसंबर को पश्चिम बंगाल के गंगासागर में समाप्त होगा। इस अभियान के माध्यम से BSF का उद्देश्य एक स्वच्छ और समृद्ध गंगा के साथ सशक्त भारत का संदेश देना है। गंगा के पवित्रता और समाज में महिलाओं की मजबूत भूमिका को बढ़ावा देने वाले इस अभियान से यह संदेश भी मिलता है कि देश को स्वच्छ और सशक्त बनाने में महिलाओं का भी विशेष योगदान है।












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