VIDEO: 2 मिनट में मैगी नूडल भी नहीं बनता! BSF जवानों ने खोलकर-जोड़ दी पूरी जीप
नई दिल्ली, 08 अप्रैल: देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात रहने वाली बॉर्डर सिक्योरिती फोर्स यानि की बीएसएफ ने हर बार अपने अद्मय साहस और बलिदान से देश को गौरव महसूस कराया है। अपने चुनौतीपूर्ण और हैरतअंगेज कामों ने दिल जीतने वाली बीएसएफ ने हमेशा संकट के समय लोगों की मदद की है। अब बीएसएफ की चेतक टीम ने एक ड्रिल में ऐसा कुछ कारनामा किया है। जिसके देखकर हर कोई चौंक गया है।

सिर्फ 1 मिनट में जीप के एक एक पुर्जों को अलग कर दिया
बीएसएफ ने गुरुवार को एक वीडियो शेयर किया है। ये बीएसएस के एक कार्यक्रम का है। जिसमें बीएसएफ की चेतक टीम ने सिर्फ दो मिनट के भीतर चलती फिरती जीप के एक एक पुर्जों को अलग कर दिया और उसी दो मिनट के भीतर पूरी जीप को फिर से जोड़कर चला दिया। वीडियो में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने जवानों के इस कारनामे पर खुश होकर जमकर तालियां बजाईं।

फिर 1 मिनट में जोड़कर चला दी जीप
बीएसएफ की चेतक ड्रिल का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल हो रहे वीडियो में देख सकते हैं कि, बीएसएफ के जवान जीप में सवार होकर सेंट्रल स्टेज के पास पहुंचते हैं। फिर तेजी से जीप के कुछ हिस्सों को निकलाकर अलग-अलग कर देते हैं। जवान जीप से उसका इंजन, उसकी खिड़कियां, उसकी पूरी सिटिंग बॉडी को भी अलग कर देते हैं। इसके बार जवान जीप के पहियों और चेसिस को भी अलग कर देते हैं।
देखें मजेदार Video
बीएसएफ के जवान इस पूरी प्रक्रिया को 1 मिनट से भी कम समय में कर डालते हैं। इसके बाद जवान फिर से उसी दो मिनट के भीतर जीप को रीअसेंबल करना शुरू करते हैं। जवान पहले जीप के चेसिस में पहियों को लगाते हैं। फिर उसमें इंजन फिट करते हैं, इसके बाद उसकी ढांचे को पूरा कंप्लीट करते हैं और फिर जीप को स्टार्ट कर उसमें सवार होकर निकल जाते हैं। जवानों ने ये पूरी काम सिर्फ दो मिनट में किया।

विश्व की सबसे बड़ी सीमा रक्षक फोर्स है BSF
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स देश का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल होने के साथ-साथ विश्व की सबसे बड़ी सीमा रक्षक फोर्स भी है। 1 दिसंबर 1965 को गठित हुई इस फोर्स में लगभग 185 बटालियन और 2.57 लाख से ज्यादा कर्मी तैनात है, जिनका मुख्य उद्देश्य देश की सीमाओं की रक्षा करना है। ये सुरक्षा बल गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं। बीएसएफ पीस-टाइम के दौरान तैनात की जाती है, जबकि सेना युद्ध के दौरान मोर्चा संभालती है। बीएसएफ की स्थापना पाकिस्तान तथा बांग्लादेश के साथ अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं को सुरक्षित बनाने के लिए की गई थी। 'सीमा सुरक्षा बल' के गठन से पहले इन सीमाओं पर संबंधित राज्य की सशस्त्र पुलिस तैनात थी।












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