आज शाम वाघा बॉर्डर पर नहीं होगी बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी
नई दिल्ली। भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के बीच वाघा बॉर्डर पर आज शाम होने वाली बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी को रद्द कर दिया है।

भारतीय सेना के पाक सीमा में घुसकर आंतकी कैंपों पर हमले के बाद बीएसएफ ने वाघा बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रीट्रीट को आज के लिए रद्द कर दिया है।
सेना ने पाकिस्तान बर्डर के दस किमी के इलाके में आने वाले गांवों में भी अलर्ट जारी कर दिया है। ऐसा दोनों तरफ से बढ़ रहे तनाव को देखते हुए किया गया है।
भारतीय सेना ने गुरूवार सुबह को पाक सीमा में घुसकर आंतकियों को मारने और आतंकी कैंपो को ध्वस्त करने का दावा किया है।
दूसरी ओर पाकिस्तान का कहना है कि भारतीय सेना की तरफ से सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसमें दो पाकिस्तानी सौनिकों की मौत हो गई।
इससे पहले 2014 में रद्द हुई थी बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी
बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी के गवाह बनने के लिए दोनों देशों के हजारों लोग हर रोज जुटते हैं। यह वाघा बार्डर पर हर शाम दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज उतारने का अवसर है। इसकी शुरुआत 1959 में हुई। उसके बाद से यह बिना रुके जारी है।
भारत-पाक के बीच हुए 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान इसका आयोजन नहीं किया गया था।
पिछली बार यह सेरेमनी नवंबर 2014 में पाक के अनुरोध पर उस वक्त रद्द की गई थी, जब पाकिस्तान की तरफ एक फिदाईन हमलावर ने अपने आपको भीड़ में उड़ा लिया था। इस हमले में 55 लोग मारे गए थे और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।
इस तरह होती है बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी
इस सेरेमनी की शुरुआत में पहले दोनों देशों के बच्चे देशभक्ति गानों पर प्रस्तुतियां देते हैं। इसके बाद बीटिंग रीट्रीट सेरेमनी करीब 156 सेकंड चलती है। इस दौरान, दोनों देशों के जवान मार्च करते हुए बॉर्डर तक आते हैं।
पाकिस्तान की ओर से रेंजर्स और भारत की ओर से बीएसएफ के जवाने इसमें शामिल होते हैं। इस दौरान दोनों देशों के गार्ड एक दूसरे के बिल्कुल आमने-सामने आ जाते हैं। जवान मार्च के दौरान अपने पैर काफी ऊपर तक ले जाते हैं।
दोनों देशों के जवानों की जोशभरी आवाज और परेड की धमक से सेरेमनी देखने वालो में भी देशभक्ति हिलोरे मारने लगती है। दोनों ओर से अपने-अपने मुल्क के जिंदाबाद के नारे भी खूब लगाए जाते हैं।












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