राहुल की 'युवा जोश' पर भारी इमरान मसूद की 'कट्टर सोच'?

बैंगलोर। सहारनपुर के कांग्रेस उम्मीदवार इमरान मसूद ने बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेन्द्र मोदी के खिलाफ भड़काऊ भाषण देकर अपनी और अपनी पार्टी की कट्टर सोच का परिचय दे दिया है और साथ ही राहुल गांधी के उस विज्ञापन की हवा भी निकाल दी जिसमें कांग्रेस की पोस्टर गर्ल हसीबा अमीन चिल्ला-चिल्ला कर कहती हैं कि 'कट्टर सोच नहीं युवा जोश'

जानिए कौन है 'कट्टर सोच नहीं युवा जोश' कहने वाली हसीबा अमीन

चुनावों के ठीक पहले इमरान मसूद का यह भड़काऊ भाषण शायद बीजेपी के लिए कम कांग्रेस के लिए ज्यादा खतरनाक हो गया है। जिस तरह से इमरान मसूद ने अपनी बात चुनावी सभा में कही है उससे साफ जाहिर है वो और उनके समर्थकों पर ना तो राहुल गांधी की सोच का असर है और ना ही राहुल गांधी का डर उन्हें सता रहा है।

इमरान मसूद का यह भड़काऊ भाषण शायद बीजेपी के लिए कम कांग्रेस के लिए ज्यादा खतरनाक

यहां ऱाहुल गांधी की नाकामी भी साबित होती है कि वो आज भी अपने कांग्रेसी संगठन को मजबूत कर पाने में फेल हैं। या तो राहुल गांधी जो चुनावी सभाओं में कहते हैं वो झूठ हैं या फिर इमरान मसूद जैसे लोग बयान देते हैं वो सच है।

देखें: मसूद ने कैसे कहा कि वो मोदी की बोटी-बोटी कर डालेंगे

क्योंकि अगर वाकई में राहुल गांधी ब्रिगेड की सोच इतनी गिरी हुई है कि वो किसी भी नेता की बोटी-बोटी करने को तैयार है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अगर ऐसे लोगों के हाथ में सत्ता आती है तो देश का क्या हाल हो सकता है?

एक तरफ राहुल गांधी विकास के नाम पर लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो हाथ का साथ दें तो दूसरी तरफ पार्टी ऐसे लोगों को लोकसभा चुनाव का टिकट दे रही है जो कि खुले आम धर्म के नाम पर खून की नदियां और कत्ले आम की बात करते हैं। ना तो उनकी सोच में युवा जोश नजर आता है और ना ही उनकी बातें लोगों को नई सोच की तरफ ले जाती हैं। ना तो उनके लिए विकास मुद्दा है और ना ही आम जनता की परेशानी उनका सिरदर्द।

आज भी मसूद जैसे लोगों की मनोवृत्ति उन पुराने लोगों की तरह ही है जो कि कत्ले आम को ही अपनी जीत समझते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी मसूद जैसे लोगों को टिकट देकर देश और जनता के साथ दोहरी चाल चल रहे हैं। आखिर क्यों अभी तक इमरान मसूद के बयान पर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी का कोई जवाब नहीं आया है?

इमरान मसूद के साथ जो कुछ भी हुआ वो तो कानून के तहत है लेकिन क्या कांग्रेस या उनके युवराज का कर्तव्य नहीं हैं कि वो इमरान मसूद के बयान पर टिप्पणी करें, क्या केवल सहारनपुर में राहुल गांधी की रैली को रद्द कर देने से ही सारे सवालों का अंत हो जाता है?

आखिर क्यों राहुल गांधी इस मुद्दे पर मौन है क्या सच में कहीं यह तो नहीं कि राहुल की युवा सोच पर इमरान मसूद की कट्टर सोच भारी हो गयी है?

इस बारे में आपका क्या कहना है अपनी बात नीचे लिखे कमेंट ब़ॉ्कस में जरूर लिखें।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+