नितिन नबीन भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, आज होगा ऐलान, BJP के नए चीफ के 'सुपर 30' टीम में कौन-कौन?
BJP President Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी को आज (20 जनवरी) अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने जा रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। 19 जनवरी को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में नामांकन प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने स्पष्ट किया कि इस पद के लिए केवल नितिन नबीन का ही नामांकन आया है। उनके समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन दाखिल किए गए, सभी वैध पाए गए। औपचारिक घोषणा मंगलवार 20 जनवरी को होगी और उसी दिन नितिन नबीन पदभार संभालेंगे।
बीजेपी के इतिहास में अब तक 11 नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। लालकृष्ण आडवाणी तीन बार और राजनाथ सिंह दो बार इस पद पर रहे। नितिन नबीन सबसे कम उम्र में इस जिम्मेदारी तक पहुंचने वाले नेता हैं। यह संकेत माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले वर्षों में युवा नेतृत्व पर ज्यादा भरोसा करने जा रही है। ऐसे में आइए जानते हैं कि नितिन नबीन की सुपर 30 टीम में कौन-कौन होगा।

नितिन नबीन को संगठन की कमान और 'सुपर 30' टीम
नितिन नबीन अब दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाले संगठन की कमान संभालेंगे। उनके नेतृत्व में 8 महासचिव, 13 सचिव, 23 प्रवक्ता और करीब 14 करोड़ कार्यकर्ता काम करेंगे। यही नहीं, संगठनात्मक स्तर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे दिग्गजों से भी समन्वय उनकी जिम्मेदारी होगी। इससे पहले जेपी नड्डा ने यह जिम्मेदारी संभाली थी और उन्होंने भी एक मजबूत टीम तैयार की थी।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक नितिन नबीन की नई टीम में ज्यादातर पदाधिकारी 55 वर्ष से कम उम्र के हो सकते हैं। यह टीम पार्टी को नया तेवर देने के साथ-साथ दूरगामी राजनीतिक संदेश देने का काम करेगी। संगठन में तपे हुए नेताओं के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने वाले चेहरों को भी जगह मिल सकती है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के अध्यक्ष भी नितिन नबीन को करेंगे रिपोर्ट
- अनिल कुमार तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष - अंडमान एवं निकोबार)
- पीवीएन माधव (प्रदेश अध्यक्ष - आंध्र प्रदेश)
- कलिंग मोयोंग (प्रदेश अध्यक्ष - अरुणाचल प्रदेश)
- दिलीप सैकिया (प्रदेश अध्यक्ष - असम)
- संजय सरावगी (प्रदेश अध्यक्ष - बिहार)
- जतिंदर पाल मल्होत्रा (प्रदेश अध्यक्ष - चंडीगढ़)
- किरण सिंह देव (प्रदेश अध्यक्ष - छत्तीसगढ़)
- महेश अगरिया (प्रदेश अध्यक्ष - दादर एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव)
- वीरेंद्र सचदेवा (प्रदेश अध्यक्ष - दिल्ली)
- दामोदर गजानन नाइक (प्रदेश अध्यक्ष - गोवा)
- जगदीशभाई विश्वकर्मा (प्रदेश अध्यक्ष - गुजरात)
- मोहन लाल बडौली (प्रदेश अध्यक्ष - हरियाणा)
- राजीव बिंदल (प्रदेश अध्यक्ष - हिमाचल प्रदेश)
- सत शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष - जम्मू-कश्मीर)
- आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष - झारखंड)
- विजयेंद्र येदियुरप्पा (प्रदेश अध्यक्ष - कर्नाटक)
- राजीव चंद्रशेखर (प्रदेश अध्यक्ष - केरल)
- ताशी ग्यालसन (प्रदेश अध्यक्ष - लद्दाख)
- के.एन. कास्मिकोया (प्रदेश अध्यक्ष - लक्षद्वीप)
- हेमंत विजय खंडेलवाल (प्रदेश अध्यक्ष - मध्य प्रदेश)
- रवीन्द्र चव्हाण (प्रदेश अध्यक्ष - महाराष्ट्र)
- शारदा देवी (प्रदेश अध्यक्ष - मणिपुर)
- रिकमान मोमिन (प्रदेश अध्यक्ष - मेघालय)
- के. बेइछुआ (प्रदेश अध्यक्ष - मिजोरम)
- बेंजामिन येप्थोमी (प्रदेश अध्यक्ष - नागालैंड)
- मनमोहन सामल (प्रदेश अध्यक्ष - ओडिशा)
- वी.पी रामलिंगम (प्रदेश अध्यक्ष - पुदुचेरी)
- सुनील जाखड़ (प्रदेश अध्यक्ष - पंजाब)
- मदन राठौड़ (प्रदेश अध्यक्ष - राजस्थान)
- दिली राम थापा (प्रदेश अध्यक्ष - सिक्किम)
- नैनार नागेंद्रन (प्रदेश अध्यक्ष - तमिलनाडु)
- राम चन्द्र राव (प्रदेश अध्यक्ष - तेलंगाना)
- राजीव भट्टाचार्य (प्रदेश अध्यक्ष - त्रिपुरा)
- पंकज चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष - उत्तर प्रदेश)
- महेंद्र भट्ट (प्रदेश अध्यक्ष - उत्तराखंड)
- समिक भट्टाचार्य (प्रदेश अध्यक्ष - पश्चिम बंगाल)
संगठन के बाद सरकार में भी बदलाव के संकेत
मोदी सरकार में अभी कई मंत्री 2021 से पद पर हैं। ऐसे में संगठन में बदलाव के बाद मंत्रिपरिषद में फेरबदल की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। माना जा रहा है कि कुछ चेहरे संगठन में और कुछ संगठन से सरकार में शिफ्ट हो सकते हैं।
नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि बीजेपी की भविष्य की राजनीति का संकेत माना जा रहा है। युवा नेतृत्व, मजबूत संगठन और 2029 की तैयारी, यही वह संदेश है जिसे पार्टी इस बदलाव के जरिए देश को देना चाहती है।
2029 की तैयारी का साफ संदेश
सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन के अध्यक्ष बनते ही संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बदलाव की जमीन तैयार हो सकती है। पार्टी 2029 और उससे आगे की राजनीति को ध्यान में रखते हुए युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर सकती है। यही बदलाव आगे चलकर मोदी सरकार में भी दिख सकता है।
पत्नी दीपमाला का बयान बना चर्चा का केंद्र
नितिन नबीन की पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी नेतृत्व को पहचान है कि कौन काम करने में सक्षम है। उनका कहना था कि हीरे की परख जौहरी को ही होती है और पार्टी ने सही व्यक्ति को चुना है। उन्होंने यह भी कहा कि नितिन ने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की है और अब उसी मेहनत का फल मिला है।












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