17वीं लोकसभा के वे दो सांसद कौन हैं? जिन्होंने पूरी की 100% अटेंडेंस, पहली बार में किया कमाल
17वीं लोकसभा जिसकी आखिरी बैठक पिछले शनिवार को संपन्न हुई है, उसमें बीजेपी के दो सांसद ऐसे रहे, जिन्होंने 100% उपस्थिति का रिकॉर्ड बनाया है। ये सांसद हैं मोहन मंडावी और भगीरथ चौधरी।
17वीं लोकसभा में कुल 274 बैठकें हुईं, लेकिन राजस्थान में अजमेर के सांसद भगरीथ चौधरी और छत्तीसगढ़ में कांकेर से सांसद मोहन मंडावी कभी गैर-हाजिर नहीं हुए।

दोनों पहली बार के लोकसभा सांसद
दिलचस्प बात ये है कि दोनों ही 2019 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए थे और सदन में उनके लिए सीटों का आवंटन भी आसपास ही किया गया था।
कार्य को जिम्मेदारी के साथ निभाता हूं- मोहन मंडावी
मोहन मंडावी ने कहा है, 'मुझे जो कार्य मिलता है, उसे मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाता हूं। मैं कांकेर का प्रतिनिधित्व करता हूं, जो छत्तीसगड़ का एक जनजातीय इलाका है और कोवि़ड-19 महामारी के दौरान भी सदन में उपस्थित रहा।'
79% दर्ज की गई 17वीं लोकसभा की औसत उपस्थिति
पीआरएस लेजिस्टेटिव की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के मुताबिक 17वीं लोकसभा के दौरान चौधरी और मंडावी की उपस्थिति 100% रही, जबकि इस लोकसभा में औसत उपस्थिति 79% दर्ज की गई है। मंडावी ने बताया है कि लोकसभा में वे और भगीरथ चौधरी आसपास ही बैठते रहे।
हमीरपुर सांसद ने सबसे ज्यादा बहस में लिया हिस्सा
वहीं उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से भाजपा सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंडेल 17वीं लोकसभा के सबसे सक्रिय सांसद साबित हुए, जिन्होंने 1,194 बहसों में हिस्सा लिया। इनके बाद दूसरे स्थान पर अंडमान और निकोबार के कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा रहे, जिन्होंने 833 बहसों में शिरकत की।
वहीं यूपी के बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर ने 582, डीएमके के तमिलनाडु की धर्मपुरी से सांसद डीएनवी सेंथिलकुमार 307, आरएसपी के केरल के कोल्लम से सांसद एनके प्रेमचंद्रन 265 और महाराष्ट्र की बारामती से एनसीपी शरदचंद्र पवार की सांसद सुप्रिया सुले 248 बहस में शामिल हुईं।
सनी देओल और शत्रुघ्न सिन्हा रहे फिसड्डी
लेकिन, पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी सांसद सनी देओल और पश्चिम बंगाल के आसनसोल से टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा उन 9 लोकसभा सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने किसी भी बहस में भाग ही नहीं लिया।
किसी भी बहस में भाग न लेने वाले अन्य सांसद
इनके अलावा जिन सांसदों ने 17वीं लोकसभा के दौरान बहस से दूरी बनाए रखी उनमें भाजपा के रमेश जिगाजिनागी, बी एन बचे गौड़ा, प्रधान बरुआ, अनंत कुमार हेगड़े और वी श्रीनिवास प्रसाद शामिल हैं।
वहीं, टीएमसी के दिव्येंदु अधिकारी और बसपा के अतुल कुमार सिंह का नाम भी बहस में नहीं शामिल होने वाले सांसदों में शामिल है। (इनपुट-पीटीआई,मोहन मंडावी की तस्वीर उन्हीं के एक्स हैंडल की सौजन्य से)












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