जातिगत जनगणना को लेकर BJP की मुश्किल बढ़ी, भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य समर्थन में उतरीं
नई दिल्ली, 11 अगस्त: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई है। इस बीच बीजेपी से लेकर कांग्रेस, सपा और बसपा भी अपनी चुनावी रणनीति तेज करने में जुट गई है। इस बीच सूबे में अगले साले होने वाले चुनावों से पहले जातिगत जनगणना को लेकर लगातार आवाज बुलंद हो रही है। वहीं अब विपक्षी दलों के साथ बीजेपी की सांसद ने भी जातिगत जनगणना का सपोर्ट किया है।
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दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में कार्यवाही के दौरान बीजेपी सांसद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि देश में कांग्रेस पार्टी ने सबसे ज्यादा शासन किया है। कांग्रेस सरकार के राज में देश के हर राज्य में पशुओं की भी गणना की गई, लेकिन पिछड़ा वर्ग के लोगों की गिनती कभी नहीं की गई, क्योंकि कांग्रेस को कभी इसी वर्ग की चिंता नहीं रही। बता दें कि लोकसभा में संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021 पर बोलते हुए बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य यह बात कही।
इसके अलावा भाजपा सांसद संघमित्रा मौर्य ने बताया कि ओबीसी बिल मददगार होगा, खासकर यूपी में। आजादी के बाद कांग्रेस के तहत कोई जाति जनगणना नहीं हुई, आखिरी बार 1931 में हुई थी। जाति जनगणना की यह मांग लंबे समय से है, इससे ओबीसी को फायदा होगा और वास्तव में जाति जनगणना होनी चाहिए।
आपको बता दें कि संघमित्रा मौर्य योगी कैबिनेट में मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी हैं। वहीं खुद यूपी के बदायूं लोकसभा सीट से सांसद हैं। यहीं नहीं लोकसभा में मंगलवार को ओबीसी आरक्षण बिल के मामले पर बोलने के लिए वो पार्टी की पसंद भी थीं। इससे पहले एनडीए का गठबंधन दल जेडीयू भी जातिगत जनगणना का समर्थन कर चुकी हैं। वहीं अब बीजेपी सांसद की यह प्रतिक्रिया पार्टी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं।












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