• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

लोकसभा चुनाव 2019: अपने दम पर 300 सीट जीतने का ये है अमित शाह फॉर्मूला

By Vinod Kumar Shukla
|

इसे भी पढ़ें:- अब गांव वालों को बतखें बांटना चाहते हैं त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देब

पार्टी की नजर 300 सीटें जीतने पर

पार्टी की नजर 300 सीटें जीतने पर

बीजेपी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व पिछले 6 महीने से उन राज्यों में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है जहां से पार्टी को कुछ और सीटें मिलने की संभावना है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश ही नहीं जहां पार्टी ने 2014 के चुनाव में 73 सीटें अपने नाम की थी, बल्कि देश कई और राज्यों में पार्टी को दोहरी सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके बीजेपी उत्तर प्रदेश में एक-दो सीटें ज्यादा जीतकर अपनी टैली को और बढ़ाना चाहती है। हालांकि जैसा पार्टी सोच रही है, उतना फायदा होता नजर नहीं आ रहा है।

बीजेपी शासित राज्यों के साथ बैठक में बनी रणनीति

बीजेपी शासित राज्यों के साथ बैठक में बनी रणनीति

सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की नजर गुजरात और राजस्थान के साथ-साथ कर्नाटक पर भी है, जहां पार्टी सभी सीटें जीतना चाहती है। दरअसल गुजरात, राजस्थान, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रदर्शन में सुधार की कुछ संभावना है। ऐसे में पार्टी की नजर उन इलाकों में है जहां पार्टी ज्यादा फायदा मिल सकता है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों पर टिकी निगाहें

उत्तर-पूर्वी राज्यों पर टिकी निगाहें

इसी के मद्देनजर पार्टी की नजरें उत्तर पूर्वी राज्यों पर टिकी हुई है, जहां पार्टी 8 से 10 सीटें ज्यादा लाने पर विचार कर रही है। हालांकि पार्टी की निगाहें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल पर हैं, जहां उनकी योजना 22 से 24 सीटें लाने की है। अभी पश्चिम बंगाल में बीजेपी की दो सीटें हैं। अपनी योजना को सफल बनाने के लिए पार्टी खास रणनीति पर काम कर रही है, यही वजह से है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दो रैलियां पश्चिम बंगाल में की हैं। बीजेपी की निगाहें ओडिशा पर भी हैं, जहां पार्टी कांग्रेस को हटाकर वहां खुद को मजबूत करने कोशिश में जुटी हुई है। ओडिशा में पार्टी का वोट बैंक 17 फीसदी है, जो कि 1997 में बीजू जनता दल के 17 फीसदी वोट बैंक के बराबर था हालांकि गठबंधन के कारण बीजेडी ने राज्य में अपनी ताकत बढ़ा ली। हालांकि राज्य में कई बड़े नेता बीजेपी के लिए स्विच कर सकते हैं।

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पार्टी बना रही खास रणनीति

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पार्टी बना रही खास रणनीति

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बीजेपी काम कर रही है, यहां पार्टी ने संगठनात्मक संरचना को तैयार करने के बाद इसे मजबूती देने में जुटी हुई है। पार्टी की रणनीति की वजह से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कुछ और वजहों के चलते एनडीए से अलग होने का फैसला लिया। दूसरी तरफ बीजेपी के लिए तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) एक अहम सहयोगी बनकर उभर सकती है।

केरल-तमिलनाडु को लेकर अमित शाह का ये है प्लान

केरल-तमिलनाडु को लेकर अमित शाह का ये है प्लान

तमिलनाडु में भी बीजेपी ने ध्यान केंद्रित कर रखा है, जहां पार्टी 2004 के अपने आंकड़े में सुधार कर सकती है, उस समय पार्टी ने एआईएडीएमके साथ गठबंधन में 6 सीटें हासिल की थी। केरल की बात करें तो यहां भी बीजेपी की अच्छी उपस्थिति है, पार्टी ने दो सीटें जीत ली हैं। अगर पार्टी यहां एक और सीट भी ज्यादा जीतने में कामयाब हुई तो ये पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।

इसे भी पढ़ें:- रेवेन्यू के मामले में दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी रिलायंस जियो, वोडाफोन को छोड़ा पीछे

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

अधिक 2019 loksabha elections समाचारView All

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
BJP looking to increase its number in the Lok Sabha from the areas less traveled by party
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more