बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने BHU के आंदोलन को नक्सलियों से जोड़ा
नई दिल्ली। वाराणसी के बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में छात्रा से कथित छेड़छाड़ के बाद चल रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बड़ा बयान दिया है। सुब्रमण्यम स्वामी ने विश्वविद्यालय में चल रहे प्रदर्शन को नक्सल आंदोलन जैसा बताया है। साथ ही उन्होंने यूनिवर्सिटी के कुलपति का भी बचाव किया और पूरे मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ के कदम को सही बताया है।

सुब्रमण्यम स्वामी ने छात्रों के प्रदर्शन को नक्सली आंदोलन जैसा बताया
हमेशा अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को नक्सली आंदोलन जैसा करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में यूनिवर्सिटी के कुलपति का समर्थन करता हूं क्योंकि यह एक नक्सल आंदोलन की तरह लग रहा है, जिसका मतलब है कि वे वाइस चांसलर के कार्यालय में घुसना चाहते थे और वहां उनकी योजना हिंसा करने की थी।

बीएचयू के कुलपति का किया बचाव
सुब्रमण्यम स्वामी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के उठाए गए कदम को सही बताया है। योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू के मुद्दे पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से कुछ छात्राएं कह रही हैं कि छेड़छाड़ हुई, लेकिन ऐसा करने वालों की कोई पहचान ही उनके पास नहीं है। ऐसे में दूसरे छात्रों को इसकी जानकारी कैसे हुई। स्वामी ने कहा कि क्या इस मामले में लड़की ने तुरंत इसकी रिपोर्ट दी या नहीं?

बीएचयू के छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर बढ़ा हंगामा
बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को बीएचयू के छात्रों पर लाठीचार्ज किया था, जो यूनिवर्सिटी में लड़की के साथ कथित छेड़छाड़ के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने बीएचयू के कुलपति के आवास में घुसने की कोशिश की थी और जब वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो छात्र हिंसक हो उठे। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों को लाठीचार्ज करना पड़ा।

मामले में पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई
BHU में छात्रावास के भीतर जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, उसके बाद योगी सरकार की जमकर आलोचना हुई थी, इस घटना के बाद आखिरकार पुलिस अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। लंका पुलिस स्टेशन के स्टेशन ऑफिसर, भेलापुर के सर्किल ऑफिसर और अडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को हटा दिया गया है। बीएचयू के छात्रावास में शनिवार की रात पुलिस ने छात्राओं पर लाठीचार्ज किया था, साथ ही छात्राओं पर रबर की गोली और टियर गैस का इस्तेमाल किया गया गया था।

बीएचयू मामले पर गरमाई सियासत
छात्राओं पर पुलिस की इस बर्बरता के बाद ना सिर्फ पुलिस बल्कि योगी सरकार लोगों के निशाने पर आ गई थी, तमाम विपक्षी दलों ने इस घटना के बाद योगी सरकार और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। तकरीबन 40 सामाजिक कार्यकर्ताओ ने राष्ट्रपति, पीएम मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था, पत्र में आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी, साथ ही इस पूरे मामले की न्यायिक जांच व छात्राओं की मांग को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की अपील की गई है।












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