बिहारियों को 'अनपढ़, सफाईकर्मी कह कर गाली दी', बिहार रैली में पहुंचे स्टालिन को भाजपा ने जमकर लताड़ा
MK Stalin in Bihar rally: बिहार में 2025 के चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' में शामिल हुए। स्टालिन के बिहार की रैली में हिस्सा लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा है।
डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन की राहुल गांधी की बिहार रैली में भागीदारी की भाजपा नेताओं की कड़ी आलोचना की और स्टालिन द्वारा अतीत में बिहारियों के लिए की गई खराब टिप्पणियों भी याद दिलाई है। भाजपा के प्रवक्ता नारायण तिरुपति और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने स्टालिन को बिहारियों के बारे में उनके पुराने बयानों की याद दिलाई। तिरुपति ने सवाल किया कि स्टालिन उन बिहारी मतदाताओं से कैसे समर्थन मांग सकते हैं, जिनकी उनकी पार्टी ने पहले निंदा की थी।

बता दें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के साथ 'वोट अधिकार यात्रा' में दिखे। इस रैली में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी हिस्सा लिया।
बिहारियों का अपमान करते है और अब हिम्मत कैसे हुई?
भाजपा के प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने आरोप लगाया कि डीएमके के लोग बिहारियों को अनपढ़, पानीपुरी बेचने वाले और तमिलनाडु में शौचालय साफ करने वाले कहकर उनका अपमान करते रहे हैं। उन्होंने पूछा, "आपने बिहारियों का अपमान किया है और अब आप बिहार जा रहे हैं। आपकी हिम्मत कैसे हुई? पहले आप उन्हें गाली देने के लिए बिहार से माफी मांगें।"
भाजपा ने स्टालिन को दिया ये चैलेंज
तिरुपति ने स्टालिन से पूछा कि क्या वह बिहार में अपने बेटे उदयनिधि के उस बयान को दोहरा सकते हैं, जिसमें उन्होंने सनातन धर्म को नष्ट करने की बात कही थी। तिरुपति ने सांसद दयानिधि मारन के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहारी तमिलनाडु में शौचालय साफ करते हैं। तिरुपति ने सवाल किया, "क्या आप सिद्धांतों के साथ खड़े नहीं होते? क्या आप द्रविड़ मॉडल के शेर नहीं हैं? चलो देखते हैं कि आप इसे कह पाते हैं या नहीं।"
अन्नामलाई बोले हिम्मत है तो...
भाजपा तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने एक्स पर पोस्ट किया, "तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थिरु एमके स्टलिन आज बिहार में हैं। यह वो हैं जिनकी पार्टी के सदस्यों और उनके गठबंधन सहयोगियों द्वारा हमारे बिहारी भाइयों और बहनों के बारे में की गई अभद्र टिप्पणियों का एक सदाबहार संकलन है।" उन्होंने स्टालिन को चुनौती दी कि अगर उनमें स्टलिन में इतनी हिम्मत है तो वो इन टिप्पणियों को बिहार में मंच पर दोहराएं।"
भाजपा ने शेयर किया ये वीडियो
वीडियो क्लिप में स्टालिन, उनके कैबिनेट सहयोगियों टी.आर.बी. राजा और के.एन. नेहरू, वरिष्ठ द्रमुक नेता के. पोनमुडी और आर.एस. भारती, साथ ही द्रमुक के सहयोगी विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के नेता थोल तिरुमावलवन द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां शामिल हैं।
"मुझे नहीं पता कि वह बिहार में कौन सी भाषा बोलेंगे"
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने भी स्टालिन पर निशाना साधा और बिहार रैली में उनकी उपस्थिति की "उपयोगिता" पर सवाल उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि उनकी भाषा एक मुद्दा होगी उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि वह बिहार में कौन सी भाषा बोलेंगे। अगर वह अंग्रेजी भी बोलते हैं, तो यह उनकी औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाएगा। हमारे प्रधानमंत्री औपनिवेशिक मानसिकता को मिटा रहे हैं, और हम अपनी भारतीय संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं।" उन्होंने जोड़ा, "तो, अगर वह वहां अंग्रेजी बोलने का विकल्प चुनते हैं, तो स्थानीय लोग इसे हिंदी में अनुवादित करेंगे। बिहार में रैली में उनकी भागीदारी का क्या उपयोग है?"
'स्टालिन तो हिंदुओं के त्योहार पर बधाई भी नहीं देते'
भाजपा नेता सी.आर. केसवन ने भी आलोचना दोहराई और उन्होंने कहा, "क्या एमके स्टालिन, जो राहुल गांधी के 'संविधान बदनाम यात्रा' में शामिल हो रहे हैं, गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर बिहार के लोगों को शुभकामनाएं देंगे? क्योंकि एमके स्टालिन ने अतीत में हमेशा हिंदू त्योहारों पर तमिल लोगों को शुभकामनाएं देने से परहेज किया है।
जदयू नेता अभिषेक झा ने भी जताई आपत्ति
भाजपा ही नहीं जदयू नेता अभिषेक झा ने भी स्टालिन की बिहार यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा, "राहुल जी ने स्टालिन साहब को बिहार बुलाया है, जिन्होंने हिंदुओं के लिए भद्दे कमेंट किए हैं। उन्होंने रेवंत रेड्डी को भी बुलाया, जिन्होंने बिहारियों के डीएनए पर सवाल उठाए थे।" झा ने पूछा कि तेजस्वी यादव कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि बिहार के लोग उनका समर्थन करेंगे, जब वे ऐसे लोगों के साथ हैं।
उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू मलेरिया से की थी
गौरतलब है कि 2023 में सांसद दयानिधि मारन और मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने बिहारियों के लिए आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। दयानिधि मारन के एक वीडियो में यह कहते हुए दिखाया गया था कि बिहार के हिंदी भाषी लोग तमिलनाडु में घर बनाते हैं और शौचालय साफ करते हैं। इससे पहले, उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को मिटाने वाले बयान पर भी विवाद हुआ था। उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी और आलोचना के बावजूद माफी मांगने से इनकार कर दिया था।












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