बर्थडे ब्वॉय नरेंद्र मोदी से जुड़ी 12 बातें जो बहुत कम लोग जानते हैं
नई दिल्ली। देश के पीएम नरेंद्र मोदी का आज जन्म दिन है। ट्विटर-फेसबुक आदि के माध्यम से देश भर से उन्हें बधाईयां मिल रही हैं। मोदी ने अपने जन्म दिन पर भगवान विश्वकर्मा को याद किया साथ ही सरदार पटेल से आशीर्वाद लिया। उनके पांच मिनट के भाषण में जो सबसे अहम बात निकल कर आयी, वो थी 'श्रम मेव जयते'।
मोदी ने कहा कि हम हमेशा यही कहते हैं कि सत्य मेव जयते यानी सत्य की जीत होती है। इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन अगर आपको आगे बढ़ना है तो श्रम यानी मेहनत ही सबसे बड़ा मूल मंत्र है। लिहाजा आज से एक और नारा मन में लेकर आगे बढि़ये। श्रम मेव जयते। आपको सफलता हर हाल में मिलेगी।
खैर यह तो रही मोदी की खुद की बातें। इस प्रकार की बातें तो आप हमेशा से सुनते आये होंगे। हम जो बातें यहां करने जा रहे हैं, वो शायद ही आपने सुनी होंगी या पढ़ी होंगी। जी हां नरेंद्र मोदी के बारे में 10 बातें, जो आपको जरूर जाननी चाहिये। तो चलिये एक-एक कर स्लाइड पर आगे बढ़ते जाइये और पाइये देश के सबसे लोकप्रिय नेता के बारे में अनजाने तथ्य।

मोदी का रिलेशनशिप स्टेटस
मोदी का सबसे बड़ा रहस्य उनका रिलेशनशिप स्टेटस है। सभी कहते हैं कि उन्होंने शादी नहीं की, लेकिन एक पत्रिका ने 2009 में अपने लेख में लिखा था कि उन्होंने जशोदाबेन से शादी की थी। बताया जाता है कि वो बनस्कंता जिले के राजोसना गांव में रहती हैं। बताया जाता है कि उनकी शादी मोदी से तब हुई थी जब वो 18 साल की थीं। लेकिन दोनों साथ नहीं रहते। खैर इस बात में कितनी सच्चाई है, यह सिर्फ मोदी ही जानते हैं। एक और कहानी मोदी से जुड़ी यह है कि उनकी शादी बचपन में हुई थी, लेकिन आरएसएस ज्वाइन करने के बाद उन्होंने हमेशा के लिये ब्रह्मचर्य का पालन करने की ठान ली, लिहाजा उनका कभी गौना नहीं हुआ।

बचपन से देशभक्ति
नरेंद्र मोदी के अंदर बचपन से ही देशभक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है। 1965 में भारत-पाक जंग के दौरान 15 साल की उम्र में उन्होंने सैनिकों के कैम्प में जाकर उनकी सेवा की थी। 1967 की जंग में उन्होंने गुजरात में बाढ़ पीडि़तों के लिये जीजान लगा दिया था।

ओबीसी परिवार से
मोदी का जन्म वडनगर में ओबीसी परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। लोगों की सेवा करने में हमेशा तत्पर रहते थे।

कई साल बंगाल में रहे
मोदी को बचपन से ही साधुओं से बड़ा लगाव था, लिहाजा वो अक्सर उनके पास पूजा-पाठ व ध्यान के लिये चले जाते थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद घर छोड़ दिया और कई साल तक पश्चिम बंगाल के राम कृष्ण आश्रम में रहे।

दो साल हिमालय पर बिताये
नरेंद्र मोदी 22 साल की उम्र में साधुओं के साथ रम गये और दो जोड़ी कपड़े और पैरों में चप्पल, जेब में बिना पैसे के हिमालय पर्वत तक चले गये और वहां दो साल तक रहे। साधुओं के साथ योग साधना करने लगे। अचानक संन्यास छोड़ने का खयाल आया और वापस अपने घर आ गये।

चाय का ठेला
मोदी ने हिमालय से लौटने के बाद अहमदाबाद बस स्टैंड पर चाय का ठेला लगाना शुरू कर दिया। कई साल तक वहां चाय बेचते रहे। यही वो समय था जब मोदी ने जाना कि मेहनत क्या चीज है।

वेश-भूषा के प्रति सजग
नरेंद्र मोदी अपनी वेश-भूषा के लिये हमेशा से सजग रहे हैं। भाजपा में आने के बाद उन्होंने ट्रिम्ड दाढ़ी रखी और आज भी वैसी ही दाढ़ी बनी रहती है। जेड ब्लू कलर उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है।

अमेरिका में की पढ़ाई
मोदी ने अमेरिका में रहकर तीन महीने का पब्लिक रिलेशन एंड इमेज मैनेजमेंट का कोर्स किया।

मां को कभी नहीं भूलते
चाहे कोई भी अवसर हो, नरेंद्र मोदी अपनी मां से मिलकर उनका आशीर्वाद लेना कभी नहीं भूलते हैं। उनके करीबी रिश्तेदारों में सिर्फ वही हैं।

सिगरेट-शराब से दूर
भाजपा के पीएम इन वेटिंग की सबसे खास बात यह है कि वह शराब नहीं पीते, धूम्रपान नहीं करते। शुद्ध शाकाहारी हैं।

लेखक एवं कवि हैं मोदी
नरेंद्र मोदी एक नेता होने के साथ-साथ एक लेखक एवं कवि भी हैं। उन्होंने गुजराती भाषा में कृतियां लिखी हैं।

सब पर भारी विशिष्टता
नरेन्द्र मोदी आज जिस मुकाम पर पहुँचे हैं, वहाँ उन्हें उनकी विशिष्टता ने पहुँचाया है। उनकी राह में लालकृष्ण आडवाणी जैसी वरिष्ठता और राहुल गांधी जैसी विरासत सबसे बड़ी बाधाएँ हैं। मोदी ने वरिष्ठता रूपी बाधा तो कुछ हद तक पार कर ली है और जहाँ तक विरासत रूपी बाधा का सवाल है, तो उसे वे अपने राज्य में पहले ही पस्त कर चुके हैं। बस अब राष्ट्रीय स्तर पर उसे पस्त करना बाकी है।












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