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CJI को CEC और EC की नियुक्त प्रक्रिया से हटाने की तैयारी, संसद में विधेयक पेश, जाने नए पैनल में होंगे कौन?

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) की नियुक्ति प्रक्रिया से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) को हटाने संबंधी एक बिल गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया है। नए बिल में सीईसी और ईसी की नियुक्ति और सेवा शर्तों को नियमित किए जाने का प्रावधान है।

माना जा रहा है कि इस तरह के बिल से एक बार फिर से राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है। नया बिल मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों (नियुक्ति की सेवा शर्तें और कार्यकाल) विधेयक, 2023 के नाम से राज्यसभा में मणिपुर पर जारी हंगामें के बीच कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया।

cji eci cec ec selection

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति समिति में कौन होंगे?
नए विधेयक के अनुसार चुनाव आयुक्तों का चयन राष्ट्रपति एक चयन समिति के सिफारिशों के आधार पर करेगा, जिसमें ये लोग शामिल होंगे-

1) प्रधानमंत्री- अध्यक्ष

2) लोकसभा में विपक्ष के नेता- सदस्य

3) प्रधानमंत्री की ओर से नामित एक केंद्रीय मंत्री- सदस्य

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था ऐतिहासिक फैसला
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इसके मुताबिक देश के चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और सीजेआई की सलाह से करेगा।

तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा क्या था?
तब जस्टिस के जोसेफ ने फैसले के ऑपरेटिव हिस्से को पढ़ते हुए कहा था, 'एक चुनाव आयोग जो कानून के शासन की गारंटी नहीं देता लोकतंत्र के खिलाफ है। सत्ता के व्यापक दायरे में, अगर इसका इस्तेमाल अवैध या असंवैधानिक तरीके से होता है, तो राजनीतिक दलों के परिणामों पर इसका प्रभाव पड़ता है। चुनाव आयोग को स्वतंत्र होना होगा; यह सिर्फ स्वतंत्र होने का दावा नहीं कर सकता और फिर गलत तरीके से कार्य नहीं कर सकता है। राज्य के प्रति दायित्व की स्थिति में रहने वाले इंसान की मानसिकता स्वतंत्र नहीं हो सकती। एक स्वतंत्र व्यक्ति सत्ता में बैठे लोगों का सेवक नहीं होगा'

सुप्रीम कोर्ट ने तभी कहा था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा प्रथा तब तक लागू रहेगी, जब तक कि संसद के माध्यम से इस संबंध में कानून नहीं बना लिया जाता।

केजरीवाल क्या बोले?
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इसपर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध दिया है। उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा है, 'मैंने पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री को देश के सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है। उनका संदेश साफ है- सुप्रीम कोर्ट का जो भी आदेश उन्हें पसंद नहीं है, वह संसद में नया कानून लाएंगे और इसे पलट देंगे। यदि पीएम खुलकर सुप्रीम कोर्ट को नहीं स्वीकार करते तो यह बहुत ही खतरनाक हालात है।'

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