बिहार में जल संसाधन विकास को नई गति: प्रधानमंत्री मोदी के विज़न को साकार करता केंद्र सरकार का विशेष बजट
भारत सरकार ने बिहार को बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं के लिए 11,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। मंत्री सी. आर. पाटिल कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रगति का निरीक्षण करते हैं।
बिहार अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न का साक्षी बनता जा रहा है। राज्य में बाढ़ नियंत्रण और जल संसाधन विकास से जुड़ी परियोजनाओं को केंद्र सरकार की ओर से विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में आज जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने बिहार का दौरा किया और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।

भारत सरकार ने जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत बिहार के लिए 11,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य न केवल बाढ़ नियंत्रण है, बल्कि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से लाखों किसानों को लाभ पहुंचाना भी है। इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अपने दौरे के दौरान श्री पाटिल ने पटना हवाई अड्डे पर बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और विभागीय योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सुपौल ज़िले के बिरपुर बैराज और कोसी–मेची अंतरराज्यीय लिंक परियोजना का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके अतिरिक्त, मंत्री जी ने पश्चिमी कोसी नहर परियोजना (ईआरएम) और बागमती तटबंध का भी निरीक्षण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य बाढ़ प्रबंधन को सुदृढ़ करना और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना है।
श्री पाटिल का यह दौरा मोदी सरकार की योजनाओं को धरातल पर पारदर्शिता के साथ लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जल संसाधन से जुड़ी परियोजनाएं समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरी हों। बिहार में जल शक्ति मंत्रालय की सक्रियता और केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि राज्य को विकसित भारत के सपने में एक अहम भूमिका निभाने का अवसर मिल रहा है।












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