Bihar Elections: BJP-JDU जा सकती हैं 50-50 के फॉर्मूले के साथ, LJP हो सकती है गठबंधन से अलग
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा और जदयू में सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है। दोनों ही पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे पर अभी तक किसी भी तरह के आधिकारिक फैसले की खबर सामने नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि दोनों ही दलों के बीच 50-50 फीसदी सीटों के बंटवारे पर बात बन गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही सीटों के बंटवारे के इस फॉर्मूले का ऐलान किया जा सकता है। बता दें कि दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पर बिहार चुनाव को लेकर अहम बैठक चल रही है। जिसमे गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हैं।
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50-50 का फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार जदयू को बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से 122 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भाजपा के खाते में 121 सीटें आ सकती हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जीतन राम मांझी के दल हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को अपने कोटे से सीट देगी, जबकि भाजपा राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी को अपने कोटे से सीट देगी। पिछले कुछ दिनों दिनों की बात करें तो यहां एनडीए गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। नीतीश कुमार और राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान के बीच तनातनी बनी हुई है। यहां तक कि चिराग ने पिछले हफ्ते सीटों के बंटवारे का तुरंत ऐलान करने का अल्टिमेटम तक दे दिया था।

चिराग समझौते के मूड में नहीं
दरअसल राम विलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी इस बार चुनाव में अधिक सीटों की मांग कर रही है और किसी भी सूरत में चिराग पासवान समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। माना जा रहा है कि इस बार के चुनाव में एलजेपी अकेले मोदी से बैर नहीं, नीतीश तेरी खैर नहीं के नारे के साथ इस चुनाव में उतर सकती है। चिराग शुरुआत से ही नीतीश कुमार के शासन में कानून व्यवस्था औ विकास के मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह 143 सीटों पर इस बार चुनाव लड़ सकते हैं। वहीं जदयू ने साफ किया है कि बिहार में उनका गठबंधन भाजपा से है एलजेपी से नहीं।

एलजेपी अलग लड़ सकती है चुनाव
रिपोर्ट की मानें तो एलजेपी ने कहा है कि वह गठबंधन से अलग नहीं होगी क्योंकि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए का हिस्सा है, लिहाजा चुनाव में एलजेपी भाजपा की सहयोगी के तौर पर चुनाव लड़ेगी। दरअसल एलजेपी नीतीश सरकार के खिलाफ लोगों के गुस्से को वोट में तब्दील करने के साथ जदयू की सीटों पर मोदी की लोकप्रियता को भुनाना चाहती है। इससे पहले चिराग ने पार्टी के संसदीय बोर्ड से 143 उम्मीदवारों की लिस्ट को तैयार करने को कहा था। ऐसे में माना जा रहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर चिराग पासवान इस बार समझौते के मूड में नहीं हैं।

तीन चरण में मतदान
बता दें कि बिहार में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर, 7 नवंबर को तीन चरणों में मतदान होगा। जबकि चुनाव के नतीजे 10 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। कोरोना संकट में यह देश में पहली बार किसी राज्य में चुनाव होने जा रहे हैं, लिहाजा चुनाव आयोग, प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है कि आखिर महामारी के इस काल में कैसे लोगों को सुरक्षित रखते हुए चुनाव संपन्न कराए जाएं। माना जा रहा है कि मतदान के लिए अतिरिक्त घंटे मुहैया कराए जाएंगे और चुनाव प्राचर के दौरान लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने को कहा जाएगा।












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