पक्षपात के आरोपों पर EC ने दी सफाई, सोशल डिस्टेंसिंग को ठहराया स्लो काउंटिंग के लिए जिम्मेदार
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। एनडीए बहुमत के साथ सरकार बना रही है। वहीं पटना में आज तेजस्वी यादव को महागठबंधन विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद तेजस्वी से चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग का परिणाम एनडीए के पक्ष में था। यह पहली बार नहीं हुआ है। 2015 में जब महागठबंधन बना था, तब वोट हमारे पक्ष में थे, लेकिन बीजेपी ने सत्ता हासिल करने के लिए बैक डोर एंट्री की।
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इसके अलावा चुनाव आयोग पर स्लो काउंटिंग का भी आरोप लगाया गया। इन आरोपों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है। इलेक्शन कमिशनर सुनील आरोड़ा ने कहा है कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग बरकरार रखने के लिए 33000 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनाए गए थे। इतना ही नहीं काउंटिंग डेस्क पर जहां पहले 14 लोग बैठते थे वहां इसबार सिर्फ 7 लोगों को बैठाया गया था। उन्होंने कहा कि स्लो काउंटिग को लेकर मतगणना की शुरूआत में ही बता दिया गया था।
तेजस्वी ने और क्या लगाए हैं आरोप
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर एनडीए सरकार ने वादे के मुताबिक काम नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा। सरकार ने 19 लाख नौकरी नहीं दी, बिहार के लोगों को दवाई, सिंचाई, पढ़ाई और कमाई नहीं दिया तो महागठबंधन की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। तेजस्वी ने एक बार फिर से चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि 10 सीटों पर घालमेल किया गया है। पोस्टल बैलट की गिनती पर उन्होंने सवाल उठाया।












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