सुप्रीम कोर्ट से पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
Prajwal Revanna Bail Plea: सुप्रीम कोर्ट ने जेडीएस के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी है। उन पर बलात्कार और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप हैं। सोमवार को न्यायमूर्ति डेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि रेवन्ना एक बहुत प्रभावशाली व्यक्ति हैं।
प्रज्वल रेवन्ना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि आरोप पत्र दाखिल हो चुका है और प्रारंभिक शिकायत में आईपीसी की धारा 376 का जिक्र नहीं था। हालांकि, पीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा 21 अक्टूबर को रेवन्ना को जमानत देने से इनकार करने के फैसले में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया।

छह महीने बाद दायर की थी याचिका
मुकुल रोहतगी ने अदालत से छह महीने बाद याचिका फिर से दायर करने की अनुमति मांगी, लेकिन पीठ ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की और याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में कर्नाटक की विशेष जांच टीम (SIT) ने प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के चार मामलों में 2,144 पृष्ठों का आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप पत्र में एक मामला शामिल है, जिसमें रेवन्ना पर उनके परिवार के लिए घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली महिला से बलात्कार करने का आरोप है।
पूर्व PM देवेगौड़ा के पोते हैं प्रज्वल रेवन्ना
प्रज्वल रेवन्ना, जो होलेनरसिपुरा के जेडीएस विधायक एचडी रेवन्ना के पुत्र और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं, के खिलाफ बलात्कार के दो और यौन उत्पीड़न का एक मामला भी दर्ज है।












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