भीमा कोरेगांव हिंसा: सुप्रीम कोर्ट से हिंदूवादी नेता मिलिंद एकबोटे को राहत
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के भीमा कोरगांव में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद हिंदुवादी नेता मिलिंद एकबोटे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। भीमा कोरोगांव हिंसा के मुख्य आरोपियों में से एक मिलिंद एकबोटे को बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी है। एकबोटे को 20 फरवरी तक गिरफ्तारी से राहत मिली है। जस्टिस कुरियन जोसेफ की अध्यक्षा वाली बेंच ने एकबोटे को राहत दी। कोर्ट ने एकबोटे की अग्रिम जमानत की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से भी जवाब मांगा है। मंगलवार को पुणे के के कोर्ट ने एकबोटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

मिलिंद एकबोटे पर आरोप है कि उन्होंने 1 जनवरी को भीमा-कोरेगांव युद्ध की 200वीं बरसी के कार्यक्रम के दौरान पुणे के पास के गांव में लोगों को हिंसा के लिए भड़काया था। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, साथ ही कई लोग इस हिंसा में घायल हो गए थे। एकबोटे की उम्र 60 वर्ष के हैं, वह दूसरे ऐसे हिंदूवादी नेता हैं जिनके खिलाफ भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले 85 वर्षीय शंभाजी भिड़े के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, भीड़े के खिलाफ जांच जारी है।
एकबोटे और भिड़े के खिलाफ दलित एक्टिविस्ट ने पिंपरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद इस मामले को पुणे ग्रामीण पुलिस के पास भेजा गया था। इस मामले में अनीता रविंद्र साल्वे ने शिकायत दर्ज कराई थी, जोकि बहुजन रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टी की सदस्य हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन्होंने भिड़े और एकबोटे को हिंसा की जगह पर देखा था।












Click it and Unblock the Notifications