भीमा कोरेगांव: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, 17 सितंबर तक घर में नजरबंद रहेंगे पांचों वामपंथी विचारक
नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा केस में गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 17 सितंबर तक के लिए टल गई है। सुप्रीम कोर्ट में इस केस की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी, तबतक इन पांचों कार्यकर्ताओं की घर में नजरबंदी जारी रहेगी।। इन पांचों कार्यकर्ताओं पर हिंसा भड़काने और नक्सलियों से संबंध का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 अगस्त को पांचों वामपंथी विचारकों को घर में नजरबंद रखने का आदेश दिया था।
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भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में अब अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी तब तक पांचों वामपंथी विचारक घर में ही नजरबंद रहेंगे। इस मामले पर महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि इन पांचों के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं और उनसे पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी की मांग भी जवाबी हलफनामे में की गई थी।
बता दें कि पांच वामपंथी विचारकों गौतम नवलखा, वरवरा राव, सुधा भारद्वाज, अरुण फरेरा और वरनोन गोंजालविस पर भीमा कोरेगांव में हिंसा फैलाने की साजिश में शामिल होने और नक्सलियों से संबंध का आरोप है। इनकी गिरफ्तारी के खिलाफ इतिहासकार रोमिला थापर, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
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