भीमा कोरेगांव हिंसा: पुणे कोर्ट ने खारिज की 6 आरोपियों की जमानत अर्जी
नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पुणे सेशन कोर्ट ने 6 आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में जिन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज हुई है उनमें सुरेंद्र गडलिंग, रोना विल्सन, वरवरा राव, शोमा सेन, सुधीर धवले, और महेश राउत शामिल हैं। सुधा भारद्वाज, अरुण फेरेरा और वर्नोन गोंजाल्वेज की याचिका पहले ही बॉम्बे हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी।

वहीं, एक अन्य आरोपी गौतम नवलखा ने पुणे कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। इस याचिका पर 7 नवंबर को सुनवाई होगी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को नवलखा को अग्रिम जमानत के लिए पुणे सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा था। इसके पहले, हाईकोर्ट ने नवलखा के खिलाफ पुलिस केस को खारिज करने से इनकार कर दिया था।
भीमा-कोरेगांव मामले में एक्टिविस्ट गौतम नवलखा को सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी से राहत दी थी। साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस से कहा था कि इस मामले से जुड़े अहम दस्तावेजों को कोर्ट में पेश किया जाएं। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को भी निर्देश दिया था कि भीमा कोरेगांव मामले नवलखा से जुडी जांच से जुड़े दस्तावेजों को भी कोर्ट में पेश करे।
नवलखा के अलावा वरवरा राव, अरुन फरेरा, वरनान गोन्साल्वेस और सुधा भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस का आरोप है कि नवलखा और अन्य आरोपियों का माओवादियों के साथ संबंध है और वे सरकार को गिराने के लिए साजिश रच रहे थे। इन आरोपियों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रीवेंशन एक्ट और आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोर्ट में नवलखा ने कहा कि वह किसी भी प्रतिबंधित संस्था से नहीं जुड़े हैं और उन्होंने उन्ही मुद्दों को उठाया जो लोगों के सिविल राइट से जुड़े है।












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