उत्तरपूर्वी राज्यों में विरोध प्रदर्शन पर सेना ने जारी की एडवाइजरी, कहा- सोशल मीडिया पर फेक न्यूज से बचें
नई दिल्ली। भारतीय सेना ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि उत्तरपूर्वी राज्यों से जुड़ी कई झूठी खबरें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। इनपर विश्वास ना करें। बता दें इन राज्यों में नागरिकता संशोधन बिल के पास होने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक बलों को यहां तैनात किया गया है। अब यहां के हालात नियंत्रित भी बताए जा रहा हैं।

लेकिन इसी बीच कई लोग गुमराह करने वाली और हिंसक जानकारी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं। जिससे लोगों तक गलत संदेश पहुंच रहा है। इसे लेकर सेना ने ट्वीट भी किया है। जिसमें लिखा है, 'झूठ और दुष्प्रचार से बचें'.. झूठी खबरें और दुष्प्रचार सोशल मीडिया पर कुछ अहितकर तत्वों द्वारा फैलाया जा रहा है। झूठी अफवाहों से बचें, झूठी खबरों को न सुने न देखें, न उस पर ध्यान दें। भारतीय सेना - देश की सेना'
बता दें असम के गुवाहाटी में कर्फ्यू लगा हुआ है। इस हफ्ते भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया है। इन लोगों का मानना है कि बिल के पास होने से इनकी भाषा और संस्कृति पर भी प्रभाव पड़ेगा। असम में गुरुवार को पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई है। सेना के आठ कॉलम और असम राइफल्स को तैनात किया गया है। सेना को बुधवार को भी बुलाया गया जब प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने विरोध के चलते सड़कों को जाम कर लिया है। जिससे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। एक एंबुलेंस फंसने से कुछ दिन पहले ही असम में एक दो महीने के बच्चे की मौत हो गई थी। मामले पर डिफेंस पब्लिक रिलेशन अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल पी खोंगसाई का कहना है, 'अभी तक आठ कॉलम तैनात किए गए हैं, जिसमें एक बंगाईगांव, एक मोरिगांव, 4 गुवाहाटी और दो सोनितपुर में तैनात किए गए हैं।' हर एक कॉलम में 70 जवान होते हैं।












Click it and Unblock the Notifications