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हाथ पर कोच नंबर, जेब में टिकट नहीं, नौकरी के नाम पर मानव तस्करी का गंदा खेल, RPF ने ऐसे किया रैकेट का भंडाफोड़

RPF rescues 56 women: भविष्य संवारने का वादा, नौकरी का झांसा और मजबूरी का फायदा उठाना-इन्हीं हथियारों से आज भी मानव तस्करी का गंदा खेल देश के कई हिस्सों में खेला जा रहा है। लेकिन जब सिस्टम सतर्क हो तो शिकार बनने जा रही जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ न्यू जलपाईगुड़ी-पटना कैपिटल एक्सप्रेस में, जहां रेलवे कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता ने 56 युवतियों को मानव तस्करी का शिकार बनने से बचा लिया।

ये महिलाएं पश्चिम बंगाल के दूरदराज जिलों से थीं, जिन्हें बेंगलुरु में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर बिहार भेजा जा रहा था। टिकट की जगह उनके हाथ पर कोच और सीट नंबर की मुहर थी - जो एक सामान्य यात्री के लिए असामान्य बात है।

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इसी ने रेलवे स्टाफ को सतर्क किया और पूछताछ में जब उन्हें कोई वैध टिकट, पहचान पत्र या नौकरी से जुड़ा दस्तावेज नहीं मिला, तो शक और गहरा हो गया। इसके बाद ट्रेन में मौजूद एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया, जो इन लड़कियों के साथ थे और किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

RPF ने ऐसे किया खुलासा

घटना तब सामने आई जब ट्रेन में तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) को यह बात खटक गई कि एक ही कोच में यात्रा कर रहीं दर्जनों युवतियों में से किसी के पास वैध टिकट या पहचान पत्र नहीं था। सभी लड़कियों की उम्र 18 से 31 वर्ष के बीच बताई जा रही है और ये जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों की रहने वाली थीं।

RPF के जवानों ने जब उनकी जांच की तो पाया कि हर युवती के हाथ पर कोच और बर्थ नंबर की मुहर लगी हुई थी - यह ऐसा संकेत था जो मानव तस्करी में अकसर देखने को मिलता है, ताकि एजेंट अपने "शिकार" पर नजर रख सकें।

बेंगलुरु में नौकरी का झांसा, लेकिन भेजा जा रहा था बिहार

पूछताछ में युवतियों ने बताया कि उन्हें बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी देने का झांसा दिया गया था, लेकिन वे ट्रेन से बिहार भेजी जा रही थीं। उनके साथ यात्रा कर रहे एक पुरुष और एक महिला कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके कि आखिर क्यों उन्हें बिहार भेजा जा रहा है जबकि नौकरी की बात बेंगलुरु की की गई थी।

दोनों के पास न तो किसी कंपनी का ऑफर लेटर था, न पहचान पत्र और न ही ट्रैवल से जुड़े कोई वैध दस्तावेज। ऐसे में रेलवे अधिकारियों को शक पुख्ता हो गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया।

रैकेट की जांच में जुटी RPF और पुलिस

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बचाई गई सभी महिलाओं को उनके घरों में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। रेलवे पुलिस (GRP) और RPF मिलकर इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं, जिसमें मानव तस्करी के संगठित रैकेट की संभावना जताई जा रही है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस की आपराधिक जांच शाखा (CID) की मानव तस्करी विरोधी इकाई (Anti Human Trafficking Unit - AHTU) को भी अलर्ट कर दिया गया है। इस सेल से कोई भी व्यक्ति संपर्क कर सकता है, जिसका फोन नंबर है 033-24506114, जैसा कि CID की वेबसाइट पर दिया गया है।

रेलवे अधिकारियों और RPF की सतर्कता ने इस बार 56 युवतियों को एक अनजाने अंधेरे में जाने से बचा लिया। लेकिन यह ज़रूरी है कि सामान्य नागरिक भी सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

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