Bengaluru News: बेंगलुरु में BSWML ने लागू किया सफाई का सख्‍त नियम, घर का कचरा न देने पर लगेगा तगड़ा जुर्माना

Bengaluru New Clean-Up Rule: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में जो लोग अपने घर से कचरा बीबीएमपी के वाहनों को नहीं सौंपते हैं, उनसे निपटने के लिए बीबीएमपी ने कमर कस ली है। बेंगलुरू में सफाई अभियान के तहत ऐसा नया रूल बनाया गया है, जिसके तहत घर से कूड़ा ना देने वालों से भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

दरअसल, बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। शहर में रोज़ाना 4,000 टन से अधिक कचरा निकलता है। इस समस्या से निपटने के लिए, बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने एक नया कदम उठाया है।

Bengaluru New Clean-Up Rule

इस नए नियम के तहत अब सिर्फ सड़कों पर कचरा फेंकने वालों पर ही नहीं, बल्कि उन लोगों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा जो अपने घर का कचरा अधिकृत संग्रह वाहनों को नहीं सौंपते। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम इसलिए ज़रूरी है ताकि नागरिक कचरे को खाली भूखंडों, नालियों या सड़क के कोनों पर न फेंकें। BSWML का इसके पीछे उद्देश्‍य है कि हर घर को अपना कचरा रोज़ाना, ठीक से अलग करके और समय पर सौंपना होगा। जैसे-जैसे शहर कचरा प्रबंधन पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है

जुर्माना क्यों लगाया जा रहा है?

न्‍यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार बीबीएमपी अधिकारी के अनुसार जब लोग अपने घर का कचरा अधिकृत वाहनों को नहीं देते, तो वे इसे अक्सर खाली जगहों पर फेंक देते हैं। यह बिखरा हुआ कचरा न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ता है, बल्कि जल निकासी प्रणालियों को भी अवरुद्ध करता है और मच्छरों के प्रजनन का कारण बनता है। इसी को रोकने के लिए BSWML ने यह जुर्माना लगाने का फैसला किया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस जुर्माने का उद्देश्य सज़ा देना नहीं, बल्कि लोगों को रोकना है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि निवासी रोज़ाना सूखा और गीला, दोनों तरह का कचरा अलग करके संग्रह कर्मचारियों को दें, बजाय इसके कि वे शॉर्टकट अपनाएं।

नए नियम बेंगलुरू की सफाई रणनीति का हिस्सा है

बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड के कार्यकारी अधिकारी कारिगोवड़ा ने पुष्टि की कि यह नया अभियान एक बड़ी सफाई रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा, "हम उन लोगों की पहचान करेंगे और उन पर जुर्माना लगाएंगे जो नियमित रूप से अपना कचरा नहीं सौंपते और इसके बजाय उसे बाहर फेंक देते हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "बहुत से लोग अपने गीले और सूखे कचरे को अलग नहीं करते, जिससे रीसाइक्लिंग जटिल हो जाती है। अब से, कचरा अलग करने की कड़ी निगरानी की जाएगी। यदि निवासी कचरा देने से इनकार करते हैं, तो जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों की जाएगी।" अधिकारियों ने यह भी बताया कि मार्शल और वार्ड-स्तरीय कर्मचारियों को कचरा संग्रह मार्गों का दैनिक रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया गया है।

किना वसूला जाएगा जुर्माना

जुर्माने की राशि अभी तय नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वे कचरा फेंकने के मौजूदा अपराधों के लिए उपयोग की जाने वाली संरचना का पालन करेंगे। वर्तमान में, सड़कों या खुले क्षेत्रों में कचरा फेंकने के लिए ₹100 से ₹1,000 तक का जुर्माना लगाया जाता है, जो उल्लंघन के आधार पर भिन्न होता है। नया नियम इसी ढांचे को उन लोगों तक बढ़ाएगा जो घर का कचरा नहीं सौंपते।

अधिकारियों ने लोगों को कचरा अलग करने और दैनिक संग्रह के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाने की योजना बनाई है। अधिकांश क्षेत्रों में, कचरे को तीन श्रेणियों में अलग करने की उम्मीद है - गीला कचरा, सूखा कचरा, और सैनिटरी या खतरनाक कचरा। प्रत्येक प्रकार एक अलग प्रसंस्करण इकाई में जाता है, और जब नागरिक इसका पालन नहीं करते हैं, तो यह पूरी श्रृंखला को बाधित करता है।

"जीरो वेस्ट टू लैंडफिल" सफाई मिशन

यह निर्णय बेंगलुरु के बड़े "जीरो वेस्ट टू लैंडफिल" पहल का हिस्सा है, जिसके तहत शहर का लक्ष्य कंपोस्टिंग, रीसाइक्लिंग और विकेंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर डंपिंग ग्राउंड में न्यूनतम कचरा भेजना है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त प्रवर्तन, नागरिक सहयोग के साथ मिलकर बदलाव ला सकता है और अन्‍य महानगरों के लिए ये नया नियम बड़ा मॉडल साबित हो सकता है।

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