'घरों में घुसे, मारपीट की', बंगाल हिंसा के पीड़ितों ने राज्यपाल को बताया, बोस बोले- कार्रवाई की जाएगी
Murshidabad: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने शुक्रवार को मालदा जिले के परलालपुर हाई स्कूल में स्थापित अस्थायी शरणार्थी शिविर का दौरा किया, जहां मुर्शिदाबाद दंगों के पीड़ित शरण लिए हुए हैं। राज्यपाल ने प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी और उन्हें न्याय और सुरक्षा का आश्वासन दिया।
इस दौरान मुर्शिदाबाद हिंसा की पीड़ित महिलाओं ने बताया कि उन्हें धमकाया गया और बदमाश उनके घरों में घुस आए। इतना ही नहीं, उनसे साथ मारपीट की गई और अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ। राज्यपाल बोस ने कहा, मैंने शिविर में रह रहे परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। मैंने उनसे विस्तृत चर्चा की। मैंने उनकी शिकायतें सुनीं और उनकी भावनाओं को समझा।'

उन्होंने मुझे यह भी बताया कि वे क्या चाहते हैं। निश्चित रूप से सक्रिय कार्रवाई की जाएगी। इन पीड़ितों की अधिकतर संख्या मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज, सुती, धुलियान और जंगीपुर क्षेत्रों से है, जहां 11 और 12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं। इन हिंसक घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो गए।
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस को तैनात किया गया है। राज्यपाल ने कोलकाता से रवाना होते समय कहा था कि वह "हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से मिली रिपोर्टों की पुष्टि करेंगे, अस्पतालों, आवासों और राहत शिविरों का दौरा करेंगे।" राजभवन के सूत्रों ने संकेत दिया है कि राज्यपाल शनिवार को सीधे मुर्शिदाबाद का दौरा भी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वह अपनी सिफारिशें केंद्र और राज्य सरकार को भेजेंगे ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब तक दंगे और तोड़फोड़ की घटनाओं में कथित संलिप्तता के आरोप में 274 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन हालात को सामान्य करने की दिशा में काम कर रहा है।
लेकिन पीड़ितों के बीच अब भी भय और असुरक्षा का माहौल है। राज्यपाल का यह दौरा पीड़ितों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आया है, जिन्हें अब शासन की सक्रियता से कुछ राहत की आस है।
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