हैलो पुलिस! वो तीन लोग गणतंत्र दिवस परेड के दौरान बराक ओबामा को मार देंगे
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। 19 साल का एक लड़का 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस के परेड में शामिल नहीं हो पाया। इस बात से नाराज उस युवक ने ऐसी साजिश रच डाली की दिल्ली और गोवा पुलिस सहित खुफिया एजेंसियों के होश पाख्ता हो गये। इस युवक ने 19 मिनट की रिकॉर्डिंग होने का दावा करते हुए उसने पुलिस को सूचना दी कि तीन आतंकी 26 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को मारने की साजिश रच रहे हैं।

गोवा के डीआईजी वी रंगनाथन ने बताया कि बुधवार सुबह 7 बजे नेश स्टीव कोटीन्हो ने दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके सूचना दी कि उसने अपने सैटेलाइट फोन से तीन आतंकियों की बातचीत रिकॉर्ड की है। साउथ गोवा कॉलेज में फर्स्ट ईयर के छात्र नेश ने दावा किया है कि तीन आतंकी फोन पर अपने आकाओं से बात कर रहे हैं और गणतंत्र दिवस पर बड़े हमले की फिराक में हैं। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक उसने कंट्रोल रूम को फोन करके बताया कि एक आतंकी हरे रंग की वैन में सवार था और दो अन्य मोटरसाइकिल पर थे।
उसने पुलिस को बताया कि आतंकी हिंदी भाषा में बात कर रहे थे। नेश ने पुलिस को बताया कि जब उसको उन तीनों के व्यवहार पर शक हुआ तो उसने अपना फोन उनके वैन के पास फेंक दिया जिससे उन लोगों की सारी बातें उसमें रिकॉर्ड हो गईं। पुलिस को सूचना देने के साथ ही साथ उसने इस बात की जानकारी भाजपा के एक स्थानीय विधायक सुभाष राजन को भी दी। नेश की इस सूचना के बाद से पुलिस को खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
इंग्लिशमैन को गणतंत्र दिवस परेड में मार देंगे
पूछताछ के लिए नेश को पुलिस स्टेशन ले जाया गया जहां घंटों तक उससे पूछताछ की गई। पूछताछ पर नेश ने बताया कि गोवा पुलिस पर उसे बिल्कुल भरोसा नहीं है इसलिए उसने इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस को भी दी। बात अगर रिकॉर्डिंग की करें तो उसमें आतंकी कह रहे हैं कि हम अपने साथ आरएसएस को खत्म करने का तोहफा लेकर आए हैं और डीएम (डिफेंस मिनिस्टर) को भी मार देंगे, जो शनिवार को गोवा आ रहे हैं। इनके अलावा उस इंगलिशमैन (ओबामा) को भी गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान मार देंगे। आप टीवी देखना कि वहां पर क्या होता है। इंटेलिजेंस को भी नहीं पता कि हम कैसे और क्या कर रहे हैं। पाकिस्तान जिंदाबाद, ओबामा मुर्दाबाद"।
सच तो कुछ और ही नहीं निकला
करीब 5 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस के सामने सच आ गया। पहले तो नेश ने अलग-अलग बयान से पुलिस को उलझाता रहा लेकिन पुलिस के कड़े रवैये के सामने वो टूट गया और कबूल किया कि वह रक्षामंत्री की ध्यान आकर्षित करना चाहता था इसलिए उसने ऐसी साजिश रची थी। उसने कबूल किया कि फोन पर रिकॉर्डिंग उसने खुद की है। उसने पुलिस को बताया कि वह गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होना चाहता था लेकिन एनएसएस कैडेट के तौर पर उसका चयन नहीं हुआ इसलिए वह परेशान था। वह एनडीए में जाना चाहता था लेकिन वहां भी नहीं जा सका। वह देश की सेवा करना चाहता है लेकिन हर प्रयास में उसे फेल कर दिया गया।












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