Baba Ka Dhaba:यूट्यूबर गौरव से बाबा ने मांगी माफी, कहा-वह लड़का चोर नहीं था, हमसे हुई गलती
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बाबा का ढाबा वाले कांता प्रसाद ने यूट्यूबर को लेकर कहा-वह लड़का नहीं था चोर
अब बाबा यानि कांता प्रसाद का एक और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। जिसमें बाबा गौरव वासन से माफी मांगते नजर आ रहे हैं। वीडियो में कांता प्रसाद दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि उन्होंने गौरव वासन पर डोनेशन में मिले पैसे चुराने का आरोप नहीं लगाया, बल्कि, पूरी घटना एक गलतफहमी थी। वीडियो में बाबा कह रहे हैं कि, गौरव वासन... वो लड़का कोई चोर नहीं था, ना हमने उसे कभी चोर कहा है। बस हमसे एक चूक हुई है, हम इसके लिए क्षमा मांगते हैं, और जनता जनार्धन से कहते हैं कि अगर कोई गलती हो तो हमें माफ करना।
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मुझसे चूक हुई: कांता प्रसाद
वहीं एक टीवी चैनल से कांता प्रसाद ने कहा कि, उन्होंने (गौरव ने) मुझे धोखा नहीं दिया था। आप मुझे कहो कि इस पर साइन कर दो, मैं तो कर दूंगा। मुझे क्या पता, उस पर क्या लिखा है। गौरव ने मेरा भला किया था, बुरा थोड़े न किया था। गौरव से मुझे कोई शिकायत नहीं है। वह अब भी आएंगे, तो उनका सम्मान किया जाएगा।हमने जानबूझकर उनका दिल नहीं दुखाया। अगर अनजाने में उनका दिल दुखा है, तो मुझे जो सजा मिलनी चाहिए, मिले।मुझसे कहीं न कहीं चूक हुई है।
बाबा की माफी का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

गौरव को फिर अपने ढाबे पर बुलाया
बाबा ने आगे कहा कि, मुझसे चूक यहां पर हुई कि मैंने कहा, हमने गौरव वासन को नहीं बुलाया, गौरव वासन अपने आप आए थे। और उस चूक के लिए हम शर्मिंदा हैं। हम चाहते हैं कि गौरव हमसे जुड़ें। हम उनसे पहले की तरह ही मिलेंगे, लेकिन वो पहले आएं तो सही। बाबा के इस माफीनामे पर यूजर्स की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कुछ लोगों को कांता प्रसाद की माफी थोड़ी अस्पष्ट लगी, वहीं कुछ लोगों ने शायद मानवीय गलती करने के लिए उनका बचाव किया।

बाबा की माफी पर गौरव ने दी प्रतिक्रिया
वहीं गौरव वासन ने इंस्टाग्राम पर इस पूरे घटनाक्रम को देखने के बाद इसका जबाव दिया। उन्होंने बस एक शब्द लिखा- karma...। वहीं कांता प्रसाद का नया रेस्टोरेंट भारी नुकसान के बाद फरवरी में बंद हो गया है। रेस्टोरेंट का मासिक खर्च लगभग 1 लाख रुपये था, जबकि औसत मासिक बिक्री कभी 40,000 रुपये से अधिक नहीं हुई। कांता प्रसाद के खर्चे में 35000 रुपये रेस्टोरेंट का किराया, 36000 रुपये तीन कर्मचारियों की सैलरी और 15 हजार रुपये राशन, बिजली और पानी के लिए शामिल है। रेस्टोरेंट पर धीरे-धीरे ग्राहकों का आना कम होता गया और रेस्टोरेंट का खर्चा बढ़ने लगा। इसके बाद बाबा को अपना रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा।

बाबा के अकाउंट में बचे हैं अब सिर्फ इतने पैसे
कांता प्रसाद के पास अब कितने पैसे बचे हैं, इसको लेकर उन्होंने बताया, 'मेरे पास सिर्फ 19 लाख रुपये बचे हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि नया रेस्टोरेंट खोलने की गलत सलाह दी गई थी और भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। अब बचे हुए पैसों को सुरक्षित भविष्य के लिए रखा है।












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