साक्षी और अजितेश के विवाह पर क्या बोले अयोध्या के महंत परमहंसदास
अयोध्या। यूपी के बरेली से भाजपा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी मिश्रा द्वारा एक दलित युवक के साथ भागकर शादी करने के बाद अब एक के बाद एक उनसे जुड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। जहां एक ओर समाज का एक धड़ा साक्षी के साथ खड़ा हुआ है तो वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बता रहे हैं। अयोध्या के महंत परमहंस दास ने कहा कि इस शादी को गलत करार दिया है।

'ये भारतीय संस्कृति के खिलाफ है'
एक हिंदी वेबसाइट के मुताबिक, अयोध्या के महंत ने कहा कि, जिन माता-पिता ने साक्षी को बोलना सिखाया। पढ़ाया-लिखाया। इस काबिल बनाया। उनसे इस मसले पर बिना बताए अलग हो गए। उन्होंने अपील की है कि देश के युवा साक्षी और अजितेश के रास्ते पर ना चलें क्योंकि ये भारतीय संस्कृति के खिलाफ है। हमारी संस्कृति में यही कहा गया है कि बेटे व बेटी वही कदम उठाएं, जिससे माता-पिता का गौरव बढ़े।

'दोस्त की बहन के साथ इस तरह का काम करना धोखा'
महंत ने साक्षी द्वारा विधायक पिता पर बयान देने को भी गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि अजितेश साक्षी के भाई विक्की का दोस्त था। दोस्त की बहन के साथ इस तरह का काम करना धोखा है। ऐसे तो कोई किसी को अपने घर आने नहीं देगा। यहां अजितेश की भी गलती है। जबकि साक्षी ने बिना माता-पिता को बताए इतना बड़ा कदम उठाया वह भी गलत है। इसी बीच साक्षी की शादी को लेकर एक नया मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि साक्षी ने प्रयागराज के राम जानकी मंदिर में अपने प्रेमी से शादी की थी। लेकिन मंदिर के महंत परशुराम दास ने मंदिर में किसी भी शादी होने से इनकार कर दिया है। महंत का कहना है कि राम जानकी मंदिर कोई शादी नहीं होती है।

ये है पूरा मामला
बता दें कि, बरेली जिले की बिथरी चैनपुर से विधायक राजेश कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल पर उनकी ही बेटी ने अजितेश नाम के दलित युवक से शादी की है। साक्षी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसने अपनी जान को खतरा बताया था। इस वीडियो में साक्षी अपने पिता से दलित युवक अजितेश से उसकी शादी को स्वीकार करने की अपील कर रही थी। साक्षी ने आरोप लगाया है कि वह उसकी और उसके पति की हत्या करवा सकते हैं।












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